पहले की तरह जारी रहेंगी उमेद की योजनाएं

अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील

Umed abhiyan

मुंबई

राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू ग्रामीण आजीविका और उमेद अभियान महिला बचत गट के साथ-साथ अब केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई योजनाओं का भी क्रियान्वयन करेगा। इसे लेकर तरह-तरह की फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। रविवार को अभियान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण जैन ने राज्य की महिलाओं से यह आव्हान किया। उन्होंने कहा कि अभियान में काम करने वाले किसी भी संविदा कर्मचारी को बर्खास्त और उनका वेतन कम नहीं किया जाएगा। उमेद अभियान के तहत अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाएं 10 सितंबर 2020 को या उसके बाद समाप्त हो रही हैं, उन्हें दोबारा काम पर रखा जाएगा। ऐसे में इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त नहीं होंगी। अभियान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार भुगतान किया जाएगा और मौजूदा मानदेय में कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी 26 अगस्त 2020 को जारी परिपत्र के माध्यम से आउटसोर्स प्रणाली के तहत काम करने वाले अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं को आउटसोर्स करना आवश्यक है, जिसे लेकर वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा- निर्देश के अनुसार अभियान के तहत अनुबंध कर्मचारियों की सेवाएं 10 सितंबर, 2020 को या उसके बाद समाप्त हो गई हैं। इसके बाद सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड को वर्क ऑर्डर दिया गया है कि चरणों में काम करने वाले अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं को बाहरी संस्था के माध्यम से दोबारा काम पर लिया जाए, जिसे लेकर अभियान की सभी महिला बहनों को सूचित किया जाता है कि अभियान में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी कानून के अनुसार न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान को लेकर फैलाई गई अफवाहें झूठी हैं। इसमें कोई तथ्य नहीं है। इसलिए अभियान से जुड़े लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और अभियान को सफल बनाने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण जैन ने कहा कि यह अभियान राज्य के 34 जिलों और 351 तालुकों में शुरू किया जा रहा है।


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