अर्नब को कोर्ट से नहीं मिली राहत

arnab goswami

मुंबई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित टीआरपी घोटाले में एफआईआर को रद्द करने और अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। अदालत ने मुंबई पुलिस को अर्नब को विधिवत समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि समन मिलने पर गोस्वामी जाएंगे और जांच में सहयोग करना पड़ेगा।

अदालत ने मुंबई पुलिस से पिछले एक सप्ताह में की गई जांच की प्रगति रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश करने को कहा है। अदालत कथित टीआरपी घोटाले में मुंबई पुलिस की एफआईआर के खिलाफ रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसी के साथ अदालत ने 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय कर दी है।

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट द्वारा कथित टीआरपी स्कैम में मुंबई पुलिस की एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज करने के बाद रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की डबल बेंच सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल महाराष्ट्र सरकार की ओर से और अधिवक्ता हरीश साल्वे रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की ओर से पेश हुए थे। गोस्वामी की गिरफ्तारी पर रोक के अंतरिम आदेश पर डबल बेंच ने कहा कि अभी तक एफआईआर में वह (अर्नब गोस्वामी) आरोपी नहीं है। इसलिए हमें नहीं लगता कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक के अंतरिम आदेश को पारित करने का कोई मतलब है। फेक टीआरपी खरीदने के केस में रिपब्लिक टीवी चैनल पर मुंबई के कांदिवली पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज हुआ है, हालांकि, अर्नब गोस्वामी को इसमें आरोपी नहीं बनाया गया है।


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