केंद्र सरकार का अलर्ट!


नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद को लेकर चेतावनी जारी की है। केंद्र की ओर से कहा गया है कि एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्योग मंत्रालय से संबंद्ध नहीं है। एमएसएमई मंत्रालय ने चेतावनी में कहा है कि लोग इस संगठन की अनाधिकृत और गलत गतिविधियों से सतर्क रहें। साथ ही साफ किया है कि यह संगठन खुद को मंत्रालय का हिस्सा बताकर लोगों को झांसे में ले रहा है। दरअसल, इस संगठन ने निदेशक पद के लिए नियुक्ति पत्र से जुड़े कुछ मैसेज जारी किए हैं।

एमएसएमई मंत्रालय ने कहा है कि एमएसएमई निर्यात संवर्धन परिषद की ओर से निदेशक पद के लिए जारी नियुक्ति पत्र से जुड़े कुछ मैसेज सोशल मीडिया पर डाले जा रहे हैं। यह संगठन एमएसएमई मंत्रालय के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा है। इस संगठन का उससे कोई संबंध नहीं है। साथ ही स्पष्ट किया है कि संगठन को भारत सरकार की ओर से किसी भी तरह की नियुक्ति करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। लोगों को अलर्ट किया जाता है कि वे इस तरह के संदेशों या गलत तत्वों के बहकावे में न आएं। एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने अपनी वेबसाइट पर साफ तौर पर लिखा है कि यह एक प्राइवेट कंपनी है। इसका भारत सरकार के किसी भी विभाग से कोई संबंध नहीं है। इसके अलावा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के साथ ही गांव में उद्योगों को बढ़ावा देने में जुट गई है। इसके लिए ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत एमएसएमई मंत्रलय की ओर से गांवों में अगरबत्ती निर्माण, मधुमखी पालन और मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत ग्रामीणों को उद्योग लगाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार तीनों क्षेत्रों में एक से दो साल बाद क्लस्टर वेस्ड प्रोडक्शन शुरू करने की योजना बना रही है।


Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget