जरूरत से ज्यादा नींबू पानी पीने वाले हो जाएं सावधान

नींबू पानी सेहत के लिए खासा फायदेमंद माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ वजन घटाने के लिए रोज सुबह गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने की सलाह देते हैं। वहीं, लंच या डिनर के बाद नींबू पानी का सेवन करने से खाना जल्दी पचाने में मदद मिलती है। हालांकि, मोटापे से मुक्ति और हाजमा दुरुस्त रखने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा नींबू पानी पीना माइग्रेन के दर्द को भी उभार सकता है। मेलबर्न यूनिवर्सिटी के तंत्रिका तंत्र विशेषज्ञों ने अपने हालिया अध्ययन के आधार पर यह चेतावनी दी है। 

 अंग खराब होने का डर 
नींबू विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत है। जब शरीर में इस विटामिन का स्तर बढ़ जाता है, तब फल-सब्जियों में मौजूद आयरन सोखने की उसकी क्षमता मेंभी इजाफा होता है । हीमोक्रोमाटोसिस सहित अन्य जेनेटिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों में अगर आयरन ज्यादा मात्रा में जुटने लगे तो अंग खराब होने का डर बढ़ जाता है।

पेट दर्द, मिचली की शिकायत 
-रेबेका की मानें तो विटामिन-सी की अधिकता से पेट में अम्लों का स्त्राव बढ़ने की भी आशंका रहती है। इससे एसिडिटी की समस्या और गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है। व्यक्ति को न सिर्फ पेटदर्द, बल्कि गले-सीने में जलन, मिचली, उल्टी और दस्त का सामना करना पड़ सकता है। गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज से पीड़ित मरीजों के लिए नींबू न खाने में ही भलाई है। 

मुंह में छाले का सबब 
-अध्ययन में यह भी देखा गया कि नींबू पानी का अत्यधिक सेवन मुंह में बार-बार छाले पनपने की वजह हो सकता है। दरअसल, नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड मुंह के अंदर पाए जाने वाले ऊतकों में सूजन और जलन की शिकायत को जन्म देता है। इससे कुछ गर्म या ठंडा खाने पर दांत-मंसूड़ों में झनझनाहट की समस्या भी बढ़ सकती है। 

दांत कमजोर होने की आशंका 
-नींबू अपने एसिडिक गुणों के चलते दांतों की रक्षा करने वाले इनैमल में क्षरण का सबब बन सकता है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन की ओर से 2015 में किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी। शोधकर्ताओं ने नींबू पानी को स्ट्रॉ से पीने की सलाह दी थी, ताकि दांत से उसका सीधा संपर्क कम ही हो। यही नहीं, नींबू पानी के सेवन के तुरंत बाद ब्रश करने से बचने को भी कहा था।

सलाह-
  •  दिनभर में स्वस्थ वयस्कों को 02 नींबू का रस ही पीना चाहिए 
  •  03 मिलीलीटर पानी में आधे नींबू का रस निचोड़ना उपयुक्त मात्रा 
  • सावधान 
  •  नींबू में मौजूद टाइरामाइन प्राकृतिक मोनोअमाइन की भूमिका निभाता है 
  •  तंत्रिका तंत्र में खून का प्रवाह करने वाली नसें सिकुड़ने से होता है सिरदर्द 

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