मुंबई में संक्रमण दर में दो फीसदी की वृद्धि

corona testing

मुंबई

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस कोरोना पर नियंत्रण के लिए लगातार टेस्टिंग बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे ताजा पत्र में फड़नवीस ने कहा कि राज्य में प्रतिदिन टेस्टिंग की संख्या 92 हजार से गिरकर 75 हजार पर आ गई है। मुंबई में भी संक्रमण दर में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसे में उन्होंने टेस्टिंग पर ध्यान देने को कहा है। इस पत्र में देवेंद्र फड़नवीस का कहना है कि राज्य में परीक्षणों की क्षमता को 1.5 लाख तक बढ़ाने का इरादा खुद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस बैठक में व्यक्त किया था। वास्तविकता में परीक्षणों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। इससे मरीजों की संख्या कम दिख सकती है।

उन्होंने कहा कि 1 से 15 सितंबर तक महाराष्ट्र में 12,70,131 परीक्षण किए गए। इसका औसत प्रतिदिन 84,675 परीक्षण है, जबकि 16 से 30 सितंबर के बीच महाराष्ट्र में 13,76,145 परीक्षण किए गए और इसका औसत 91,743 आता है, लेकिन 1 से 15 अक्टूबर के बीच केवल 11,29,446 परीक्षण किए गए और इसका प्रतिदिन का औसत 75,296 आता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षणों की संख्या में काफी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि मुंबई में पॉजिटिव रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन परीक्षणों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुंबई में 1 से 15 सितंबर तक के पखवाड़े में कुल 1,74,138 परीक्षण किए गए, जिनमें 27,791 कोरोना मरीज पाए गए तथा संक्रमण की दर 15.95 प्रतिशत थी। 16 से 30 सितंबर के बीच 1,79,757 परीक्षण किए गए और 31,672 रोगियों का पता चला और संक्रमण दर 17.61 प्रतिशत तक पहुंच गई। 1 से 15 अक्टूबर तक के पखवाड़े में 1,80,848 परीक्षणों से 31,453 मरीज पाए गए। संक्रमण की दर 17.39 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि मुंबई में संक्रमण की दर लगातार बढ़ रही है। मुंबई में 1 से 15 सितंबर के बीच 572 मौतें हुईं। 16 सितंबर से 30 सितंबर के बीच 699 और 1 से 15 अक्टूबर के बीच 672 मौतें हुईं। इसका अर्थ है कि मौतों की संख्या में वृद्धि हुई। फड़नवीस ने पत्र में कहा कि बड़ा सवाल यह है कि सरकार परीक्षणों पर ध्यान देने के लिए तैयार नहीं है, भले ही मुंबई में संक्रमण दर लगभग 2 प्रतिशत बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर भी महाराष्ट्र में मरने वालों की संख्या बहुत गंभीर है। जहां देश में प्रति मिलियन 97.6 मौतें होती हैं, वहीं महाराष्ट्र में प्रति मिलियन 333 मौतें होती हैं। यह राष्ट्रीय औसत से लगभग 4 गुना है। महाराष्ट्र में देश की आबादी का 9 प्रतिशत हिस्सा है। हालांकि, देश में कुल कोरोना से मरने वालों का 41 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र का है।


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