जरूरत पड़ी तो सीमा से बाहर भी जा सकते हैं: अजीत डोभाल

 


ऋषिकेश 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने ऋषिकेश में गंगा तट से कड़ा संदेश दिया। किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया, लेकिन देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए जरूरत पड़ी तो सीमा ही नहीं, सीमा से बाहर जाकर भी युद्ध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नया भारत अलग सोच का है। अपने स्वार्थ के लिए किसी को छेड़ेंगे नहीं और स्वाभिमान की रक्षा के लिए किसी को छोड़ेंगे नहीं। 

पौड़ी जिले में स्थित अपने पैतृक गांव घीड़ी से लौटते हुए शनिवार को डोभाल देर शाम ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में गंगा आरती में शामिल हुए। गंगा पूजन के पश्चात गंगा आरती के मंच से अजीत डोभाल ने कहा कि हमने दुनिया की बड़ी से बड़ी सभ्यताओं का पतन होते देखा तो नई सभ्यताओं को विकसित होते भी देखा, लेकिन भारतीय सभ्यता पूरी दुनिया में अनोखी है। सैकड़ों वर्षों तक विदेशी आक्रमण और गुलामी झेलने के बावजूद कोई भी बाहरी सभ्यता इस देश पर प्रभाव नहीं जमा सकी। 

उन्होंने कहा कि इसका बड़ा कारण हमारी आध्यात्मिक शक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि एक फौजी भले ही सीमा पर भौतिक रूप से देश की सीमाओं की रक्षा करता है ,मगर दे श म े ंलाखो ं-करोड़ ो ंलोग वास्तव में अपनी संस्कृति और आस्था के साथ राष्ट्र को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में विदेशी सिर्फ यही देखने आते हैं कि आखिर भारतीयों के भीतर ऐसी क्या शक्ति है, जो एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है। नौजवानों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा देश का योद्धा है और इसी भावना के साथ हमें एक सशक्त भारत का निर्माण करना है। 


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