कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी आघाड़ी सरकार: केशव उपाध्ये

मुंबई
प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये का कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को रोकने में राज्य सरकार विफल साबित हुई है। सरकार ने अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या मामले की जांच में बहुत देरी कर दी। उनका मानना है कि राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार अपने अंतर्विरोध के कारण गिरेगी। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए की सरकार बनेगी। ऐसे अन्य कई मुद्दों पर उनसे हुए बातचीत के मुख्य अंश:

राज्य में कोरोना काबू में नहीं आ रहा है, इस पर आप क्या कहेंगे?
भाजपा लॉकडाउन के पहले दिन से सरकार से कह रही है कि कोरोना को रोकने के लिए ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने कोरोना महामारी को लेकर राजनीति की। सरकार के एक मंत्री कभी लॉकडाउन हटाने तो दूसरे मंत्री लगाने की बात करते रहे। इस वजह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती गई। महामारी की शुरुआत के दिन से ही विधानसभा में विपक्ष नेता देवेंद्र फड़नवीस जांच की संख्या को बढ़ाने की मांग कर रहे है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार की तरफ से कोई ठोस उपाय नहीं किए गए और मरीजों की बढ़ती संख्या को रोकने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई।

मराठा आरक्षण को लेकर राज्य में राजनीति गरमाई हुई है?

मराठा समाज को आरक्षण की जरूरत है, क्योंकि समाज का एक बड़ा तबका आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, जिसके विकास और उत्थान के लिए आरक्षण बहुत जरुरी है। राज्य की तत्कालीन देवेंद्र फड़नवीस सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर मराठा समाज को आरक्षण दिया था, जिसे बंबई उच्च न्यायालय ने भी मान्य किया था, लेकिन मामला सर्वोच्च न्यायालय में जाने के बाद राज्य की मौजूदा सरकार अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पाई और सर्वोच्च अदालत ने आरक्षण को स्थगित कर दिया, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार दोबारा अपना पक्ष मजबूती से रखेगी और समाज को आरक्षण मिलेगा।

क्या भविष्य में भाजपा, शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बना सकती है?
राज्य में मौजूदा समय में कांग्रेस-राकांपा और शिवसेना के गठबंधन वाली अनैसर्गिक सरकार सत्ता में है और भाजपा विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राज्य की जनता की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रही है, इसलिए शिवसेना के साथ अभी सरकार बनाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। हम विपक्ष में रहकर जनता की समस्याओं को उठाते रहेंगे।

अभी हॉल ही में पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव हुए हैं?
यह पहला मौका नहीं है, जब पार्टी के संगठन में बदलाव किया गया है। पार्टी में हर साल बदलाव किया जाता है और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नए चेहरों को स्थान दिया जाता है। अगर बात करें महाराष्ट्र की तो प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के नेतृत्व वाली टीम में बड़ी संख्या में युवाओं को स्थान दिया गया है, जिसका पार्टी को निश्चित फायदा होगा।

प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारणी में भेजा गया है, इस पर क्या कहेंगे?
राज्य के पूर्व मंत्री विनोद तावड़े, पंकजा मुंडे सहित कई वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भेजा नहीं गया, बल्कि उनकी कार्य की क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय टीम में जवाबदारी दी है। जिस प्रकार उन्होंने प्रदेश में रहकर पार्टी संगठन के लिए काम किया, उसी के आधार पर पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जिम्मेदारी दी है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के संगठन को और मजबूत कर सके।

सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या को लेकर राजनीति गरमाई हुई है?
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में पहले दिन से भाजपा सुशांत और उनके परिवार को न्याय देने की बात कर रही है। जिस प्रकार से राज्य की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस-राकांपा और शिवसेना ने राजनीति शुरू की, उसे राज्य और देश की जनता ने देखा है। मामले के 45 दिन बीत जाने के बाद भी न कोई जांच हुई, न कोई कार्रवाई, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद मामले की सीबीआई जांच कर रही है।

राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी?
मुझे नहीं लगता कि राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी, क्योंकि जिस प्रकार हर मुद्दे पर सत्ता में शामिल तीनों पार्टियों के बीच खींचतान चलती रहती, उससे यही लगता है कि यह सरकार अंतर्विरोध के कारण गिर जाएगी। हम तो विपक्ष में रहकर जनता के लिए काम कर रहे है और करेंगे।

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, इसे लेकर आप क्या कहेंगे?
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष नेता देवेंद्र फड़नवीस एक कुशल संगठक हैं, क्योंकि जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जबाबदारी दी गई थी,तब उन्होंने बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक पार्टी को मजबूत करने के लिए बहुत काम किया। उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी को मजबूती मिली और राज्य में पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी, जिसे देखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें बिहार चुनाव की एक बड़ी जवाबदारी दी है और मुझे पूरा विश्वास है कि वहां एनडीए की बहुमत वाली सरकार बनेगी।

क्या बिहार विधानसभा चुनाव में मुंबई से भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जाएंगे?
कोरोना महामारी को देखते हुए बिहार चुनाव में प्रचार के लिए पार्टी के कार्यकर्ता बिहार जाएंगे, इसे लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इस पर जल्द पार्टी विचार करके निर्णय लेगी।

विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस और शिवसेना सांसद संजय राउत की मुलाकात पर आप क्या कहेंगे?
इस मामले में पूर्व सीएम फड़नवीस और शिवसेना सांसद संजय राउत स्पष्टीकरण दे चुके हैं, जिसमें उन्होंने 'सामना' में फड़नवीस के साक्षात्कार लेने के लिए मुलाकात की बात की है। इस मुद्दे पर राजनीति करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि मामले की कोई तथ्य नहीं है। हमारा मानना है कि भाजपा जनता के लिए संघर्ष कर रही है और करती रहेगी।

यूपी के हाथरस घटना को लेकर विपक्ष भाजपा को निशाना बना रहा है?
यूपी के हाथरस में घटी घटना निंदनीय है, जिसे लेकर यूपी सरकार बेहद गंभीर है और आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया गया है। सरकार ने एक्शन लेते हुए कई अधिकारियों को बर्खास्त भी किया है, लेकिन विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। अभी हाल में ही एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक क्राइम के मामले में महाराष्ट्र दूसरे नंबर है और राज्य सरकार रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं ले रही है। राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। कोविड सेंटर में उनके साथ बदसूलकी की जा रही है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती। राज्य की कानून-व्यवस्था की हालत दयनीय हो गई है और सरकार राजनीति कर रही है।

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