मनपा में निजी सुरक्षा रक्षक का प्रस्ताव वापस

मुंबई

मनपा प्रशासन ने किराए पर निजी सुरक्षा गार्ड लेने के अपने निर्णय को फिलहाल वापस ले लिया है। भाजपा नेता ने मनपा स्थायी समिति में आए प्रस्ताव पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया था। मनपा प्रशासन ने किराए पर सुरक्षा रक्षक भाड़े पर लेने का प्रस्ताव 2019 में भी रोक दिया था। उल्लेखनीय है कि मनपा प्रशासन ने अपनी प्रॉपर्टी की सुरक्षा को लेकर तीन साल के लिए 3000 सिक्युरिटी गार्ड भाड़े पर लेने का निर्णय लिया था। इस पर लगभग 222 करोड़ खर्च आने की संभावना जताई थी। मनपा के खुद के 3500 सुरक्षा रक्षक होने के बावजूद निजी सुरक्षा गार्ड लेने को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे थे। मनपा प्रशासन ने वर्ष 2019 में भी सिक्युरिटी गार्ड भाड़े पर लेने का निर्णय लिया था, उस दौरान किसी विशेष कंपनी को ठेका देने के लिए तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त विजय सिंघल ने ठेका पाए कंपनी को इसलिए ठेका नहीं दिया, क्योंकि उनकी मनमाफिक कंपनी को ठेका नहीं दिया गया था। मनपा प्रशासन दोबारा निविदा प्रक्रिया की। मनपा के पिछले 6 महीने से रुके कामों में लाए गए 647 प्रस्ताव में निजी सुरक्षा रक्षक का भी प्रस्ताव लाया है। मनपा प्रशासन ने इस बार भी निजी सुरक्षा रक्षक ठेका प्रक्रिया में दो ठेकेदार सहभागी होने के बावजूद मनपा ने ईगल कंपनी को ठेका देने मे निर्णय लिया। भाजपा मनपा नेता ने आरोप लगाया कि बिना जानकारी दिए ठेका रद्द करने पर लगभग 40 करोड़ का नुकसान सहना पड़ेगा। भाजपा नेता के विरोध के बाद मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने सुरक्षा रक्षक के ठेके को रद्द करने का पत्र स्थायी समिति को भेजा है।


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