पराली जलाने पर किसान व कंबाइन संचालक पर मुकदमा

गोरखपुर

रोक के बावजूद पराली जलाने पर सिकरीगंज पुलिस ने किसान और कंबाइन हार्वेस्टर संचालक के विरुद्ध निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और वायुमंडल में प्रदूषण फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। कंबाइन हार्वेस्टर से धान की फसल कटवाने के बाद पराली जलाकर किसान ने खेत की रोटावेटर से जुताई करा दी थी। जांच में पराली जलाने की पुष्टि होने पर उरुवा के एडीओ एएस की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सिकरीगंज क्षेत्र के बघउर निवासी किसान सत्यनारायण और बढयाापार निवासी कंबाइन हार्वेस्टर संचालक हरेंद्र यादव को इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है। आरोप है कि निर्देश के बाद भी कंबाइन हार्वेस्टर संचालक ने फसल अवशेष का प्रबंधन करने वाले यंत्र के बिना ही धान के फसल की कटाई कर दी। जिससे फसल का अवशेष खेत में रह गया और किसान ने उसका निस्तारण करने की जगह खेत में ही जला दिया। सिकरीगंज क्षेत्र के ही एक व्यक्ति के खेत में पराली जलाने की शिकायत पर उरुवा क्षेत्र में तैनात कृषि विभाग के एडीओ एएस सहसान शुक्ल ने इसकी जांच की थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सिकरीगंज थाने में तहरीर दी।

उच्चतम न्यायालय ने पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्देश दे रखा है। अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन ने पराली जलाने से रोकने के लिए अभियान चला रखा है। साथ ही फसल अवशेष का प्रबंधन करने वाले उपकरणों के बिना कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद सिकरीगंज इलाके में फसल अवशेष का प्रबंधन करने वाले उपकरण के बिना ही कटाई कराने और पराली जलाने का पहला मामला सामने आया है। बड़हलगंज इलाके के फरसाड़ निवासी किसान कमलेश पर भी पराली जलाने पर मुकदमा दर्ज हुआ है।


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