आरे जमीन पर सरकार के बढ़े कदम

वनक्षेत्र घोषित करने की प्राथमिक अधिसूचना मंजूर

aarey forest

मुंबई

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के निर्देशानुसार आरे दूग्ध कालोनी (डेयरी विकास विभाग) के कब्जे वाली 328.90 हेक्टेयर भूमि और वन विभाग के कब्जे वाली 40.46 हेक्टेयर भूमि को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 के तहत आरक्षित वन घोषित करने की प्राथमिक अधिसूचना को मंजूर कर लिया गया है। इस बात की जानकारी वन मंत्री संजय राठोड ने दी।

आरे दूग्ध कालोनी की जमीन को आरक्षित वन के रूप में घोषित करने को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले दो सितंबर को संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए थे। इस संबंध में गुरुवार को डेयरी विभाग और वन विभाग की तरफ से भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 के तहत प्रारंभिक अधिसूचना जारी करने और मनोदय की घोषणा करने वाली अधिसूचना को मंजूरी देने का प्रस्ताव मिला। वन मंत्री ने कहा कि इस अनुसार प्रारंभिक अधिसूचना को मंजूरी प्रदान की गई है। उसके बाद एक जांच की जाएगी और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत एक अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। प्रारंभिक अधिसूचना के अनुसार, यदि वन जमाबंदी अधिकारी कोकण नवी मुंबई इस भूमि के अधिकारों, प्रकृति और दायरे के बारे में जांच करते हैं तो उनके फैसले के खिलाफ जिला कलेक्टर, मुंबई उपनगर के पास अपील की जा सकती है। सरकार ने आरे के जंगलों को बचाने और जीवों की रक्षा के लिए करीब 600 एकड़ जमीन को जंगल क्षेत्र के रूप में आरक्षित करने का फैसला लिया है। पिछले साल मुंबई के आरे कॉलोनी के पेड़ों की कटाई को लेकर खूब चर्चा हुई थी। मेट्रो कार शेड के लिए काटे गए पेड़ों के एक साल पूरा होने पर कुछ दिनों पहले प्रकृतिप्रेमियों ने पेड़ों का श्राद्ध किया था।


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