बनारस में बनेगा प्रदेश का पहला सांस्कृतिक केंद

वाराणसी
धर्म, कला और आध्यात्म की नगरी काशी को नवंबर में बड़ी सौगात मिल सकती है। पिंडरा के नागापुर में प्रदेश के पहले सांस्कृतिक केंद्र को मूर्त रूप देने की कवायद शुरू कर दी गई है। सांस्कृतिक केंद्र के लिए पर्यटन विभाग ने 230 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है और अब उस पर कब्जा भी ले लिया गया है।
इसके अलावा यहां दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर अलग-अलग प्रदेशों के भवन और वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट के स्थायी स्टॉल भी बनाने की तैयारी है। इसके अलावा यहां भोजपुरी फिल्म सिटी को भी विकसित किया जाएगा। दिव्य काशी-भव्य काशी को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक केंद्र की कवायद तेज हो गई है। पर्यटन विभाग की इस योजना में सांस्कृतिक केंद्र में भोजपुरी फिल्म सिटी, प्रवासी भारतीय भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा थीम पार्क, ट्रेनिंग सेंटर, थिएटर, प्रेक्षागृह, म्यूजियम, कल्चरल एक्टिविटी के संरक्षण के लिए लोककला केंद्र, कथक सेंटर के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी काशी में लंबे समय से सांस्कृतिक केंद्र बनाने की मांग की जा रही है। ऐसे में पर्यटन विभाग ने पिंडरा के नागापुर गांव में किसानों से 230 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। कोरोना काल में इस जमीन पर पर्यटन विभाग ने कब्जा लेकर उसका चिह्नांकन भी कर लिया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आगामी नवंबर में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये में प्रदेश का पहला कल्चरल हब (सांस्कृतिक केंद्र) काशी की जनता को मिल सकता है।
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