गंभीर हो सकता है कूल्हे का दर्द


दर्द कैसा भी हो, दैनिक जीवन में बाधा डालता है। कूल्हों का दर्द भी ऐसा ही है, जिसके होने से रोजमर्रा के काम करने में परेशानी सामने आने लगती है। कई बार कूल्हे में दर्द का कारण शरीर में कहीं और आई कोई गड़बड़ी भी होती है। ऐसे में पहचान जरूरी है। कमर, गर्दन और कलाई के दर्द के बीच एक और दर्द है, जो बहुत चुपके से हमारी जिंदगी में जगह बना लेता है। उसे अकसर हम नजरअंदाज कर देते हैं, कभी-कभी हमें ठीक ढंग से उसका एहसास ही नहीं होता। ये है कूल्हे का दर्द, जिसकी जड़ तक पहुंचे बिना ही हम इसे कमर दर्द का असर या अपनी थकावट का नतीजा मान लेते हैं। बेशक डॉक्टर मानते हैं कि इसके मामले ज्यादा नहीं आते, लेकिन लक्षणों को पहचानकर बचाव और उपाय करना जरूरी है। 


 ऐसे पहचानें लक्षण 

कूल्हे में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। अकसर इन कारणों पर सीधे तौर से ध्यान नहीं जाता है। इसमें जांघों में तेज दर्द होता है। कभी कूल्हे के जोड़ों के भीतर दर्द का अहसास होता है। कभी ये दर्द शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कमर और नितंब तक पहुंच जाता है। ज्यादा तेज गति से कुछ काम करने पर ये दर्द बढ़ता हुआ भी महसूस हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलकर परामर्श करना ही सबसे बेहतर तरीका होता है। 


 उचित आहार और सिकाई देंगे राहत 

प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राजेश मिश्रा के अनुसार, कूल्हे के दर्द के जो कारण सामने आते हैं, वो हैं कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, बढ़ती उम्र और व्यायाम की कमी। इसके अलावा चीनी का सेवन ज्यादा करने से भी तकलीफ होती है। इस समस्या को हम वात विकार में शामिल करते हैं। जब मलक्रिया ठीक नहीं होती, तब भी ये समस्या होती है। इसके लिए आंतों का साफ रहना जरूरी है। इसे खान-पान से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए अल्कलाइन डाइट लेनी चाहिए और कैल्शियम प्रधान भोजन लेना चाहिए। इसमें मूल रूप से हरी सब्जियां शामिल होंगी। इसके साथ तिल का भी सेवन करें। इसके लिए तिल को भिगोकर पेस्ट बनाकर आटे में मिलाकर रोटी बनाएं। मेथी का सेवन करें। फाइबर वाला आटा इस्तेमाल करें। दर्द के मामले में दर्द में सिकाई भी कर सकते हैं। यह भी देखना होगा कि दर्द नया है या पुराना है। नया होगा तो गर्म पानी और ठंडे पानी से एक-एक करके सिकाई की जाएगी। 3 मिनट गर्म पानी की सिकाई और 1 मिनट ठंडा। इस तरह चार बार करना होगा। वहीं अगर दर्द पुराना है, तो स्टीम बाथ और मालिश करना असरदार साबित होता है। मालिश के लिए तिल का तेल इस्तेमाल करना चाहिए। 


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