नाखून चबाना सिर्फ आदत ही नहीं मेडिकल कंडीशन भी हो सकती है

 नाखून चबाना सिर्फ आदत ही नहीं मेडिकल कंडीशन भी हो सकती है 


हो सकता है कि आप परफेक्शनिस्ट हों
 

साइंटिफिक अमेरिकन माइंड पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि, जब अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों ने तनाव के दौरान नेल बाइटिंग शुरू की, तो उनका व्यवहार मापा गया। अध्ययन जब पूर्ण हुआ तब यह पाया गया कि जो लोग परफेक्शनिस्ट थे वे औरों की तुलना में ज् यादा नाखून चबाते थे। 

आप ओसीडी से ग्रसित हो सकती हैं 

अगर आप नाखून चबाती हैं, तो आप ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिजीज से ग्रसित हो सकते हैं जिसे ओसीडी भी कहा जाता है। यह एक विवादास्पद या कंट्रोवर्शियल बयान हो सकता है। हालांकि कई वैज्ञानिक नाखून चबाने के ओसीडी के संबंध को सिरे से नकारते हैं। ओसीडी आवेग नियंत्रण में असफल होने के वजह से होती हैं और नाखून चबाने में ऐसा कुछ नहीं होता। 

आप किसी मनोवैज्ञानिक विकार से ग्रस्त हो सकती हैं 

अगर आप हर समय अपने नाखून चबाती हैं तो इसकी बहुत संभावना है कि आप किसी मनोवैज्ञानिक समस्या से गुजर रहीं हों। ईरान की मेडिकल साइंसेस की पत्रिका में प्रकाशित कि गए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि दुनिया के 80ज् बच्चे जिनमें मनोवैज्ञानिक विकार है, वह नाखून चबाते हैं। 

आप में किसी किस्म की कुंठा हो सकती है 

बिहेवियर थेरेपी एंड एक्सपेरिमेंटल साइकाइट्री की एक पत्रिका में प्रकाशित किए गए अध्ययन में प्रतिभागियों की 4 प्रकार की भावनाओं को परखा गया। इनमें से कुंठा भी एक थी। आप सोच सकती हैं कि जो लोग ज्यादा फ्रस्ट्रेटिड थे, वे ज्यादा नाखून चबाते थे। 

आपके साइकोसेक्सुअल विकास मे कुछ खराबी हो सकती है 

सिगमंड फ्रूड जो कि एक ऑस्ट्रेलियाई न्यूरोलॉजिस्ट है मानते हैं कि नाखून चबाना साइकोसेक्सुअल विकास की खराबी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी सोचा कि जो व्यक्ति नाखून चबाते हैं वे ओरल फिक्सेशन से ग्रसित हो सकते हैं। यह एक तरह की कंडीशन है जिसमें व्यक्ति तनाव से छुटकारा पाने के लिए स्मोकिंग, शराब जैसी ओरल एक्टिविटी का सहारा लेते हैं। 


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