टमाटर की कम हुई लाली

आलू ने तरेरी आंखें तो प्याज का इतराना जारी

नई दिल्ली
कोरोना की वजह से वित्तीय संकट से जूझ रहे आम आदमी को सब्जियों की बढ़ती कीमतें परेशान कर रही हैं। प्याज रुलाने को बेकरार है तो आलू आंखें तरेर रहा है। हालांकि कई शहरों में शतक लगा चुके टमाटर के तेवर अब ढीले पड़ने लगे हैं। उसकी लाली कुछ कम हुई है, लेकिन अभी भी 50 के ऊपर बैटिंग कर रहा है। दरअसल सब्जियों के थोक और फुटकर भाव में दोगुने से ज्यादा अंतर है। चार अक्टूबर को लखनऊ सब्जी मंडी में जहां देसी टमाटर 40 से 45 रुपये किलो बिक रहा है वहीं गली-मोहल्लों तक आते-आते यह 60 रुपये तक पहुंच गया। वहीं फूल गोभी थोक में 12 से 15 रुपये किलो बिक रही है तो फुटकर में चार गुने रेट पर। जबकि पत्ता गोभी 8 से 13 रुपये और भिंडी 10 से 12 रुपये किलो थोक में मिल रही है। अगर बात देश के अलग-अलग हिस्से की करें तो आलू के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। उपभोक्ता मंत्रालय की वेसाइट के मुताबकि चार अक्टूबर को आलू की खुदरा कीमत 30 से 55 रुपये किलो है। वहीं टमाटर 15 से 80 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि प्याज अब 25 से 60 रुपये के बीच बिक रहा है।

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