पिता का भाजपा छोड़ने का निर्णय अपरिहार्य था: रोहिणी

Rohini Khadse

मुंबई 

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से के लिए भाजपा छोड़ने का निर्णय लेना 'कठिन' था, लेकिन 'अपरिहार्य' भी था। यह बात गुरुवार को उनकी बेटी रोहिणी खड़से ने कही। भ्रष्टाचार के आरोपों में 2016 में देवेंद्र फड़नवीस नीत भाजपा सरकार से इस्तीफा देने के बाद से ही एकनाथ खड़से असंतुष्ट थे। बुधवार को उन्होंने भगवा दल से इस्तीफा दे दिया। खड़से शुक्रवार को शरद पवार की पार्टी राकांपा में शामिल होने जा रहे हैं। रोहिणी खड़से ने नासिक में संवाददाताओं से कहा कि मेरे पिता ने अपने जीवन के 40 वर्ष भाजपा को दिए। निश्चित तौर पर यह उनके लिए और मेरे लिए कठिन निर्णय था, ले किन मेरा मानना है कि यह अपरिहार्य था। हम निश्चित तौर पर नई पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब पीछे नहीं लौटना है...हम पूरे उत्साह से नई पार्टी में शामिल होंगे। भाजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में एकनाथ खड़से को टिकट नहीं दिया था और जलगांव जिले के मुक्ताईनगर विधानसभा क्षेत्र से रोहिणी को उतारा था। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं काफी निराश थी, क्योंकि भाजपा ने मेरे पिता को टिकट नहीं दिया। मुझे इस बात की खुशी नहीं थी कि उन्हें टिकट नहीं देकर मुझे उम्मीदवार बनाया गया। 

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