अस्पतालों में ऑक्सीजन निगरानी समिति

मुंबई
कोरोना रोगियों के उपयोग मे आने वाली ऑक्सीजन के आडिट के फैसले के बाद केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार ऑक्सीजन के उपयोग पर ध्यान रखने के लिए प्रत्येक अस्पताल में निगरानी समितियों के गठन का निर्देश राज्य सरकार ने दिया है।
एक तरफ मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बड़े पैमाने पर बढ़ी है और दूसरी तरफ इसका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा था, इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए। इस अनुसार हर अस्पताल में ऑक्सीजन लीक हो रही है, आवश्यकता के बाद ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करने के लिए ऑक्सीजन निगरानी समिति गठित करने का आदेश स्वास्थ्य विभाग ने दिया है। समिति में अतिरिक्त जिला चिकित्सक, छाती विशेषज्ञ, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, फार्माकोलॉजी विभाग का एक डॉक्टर और एक नर्स प्रमुख शामिल होंगे। समिति अस्पताल की ऑक्सीजन आवश्यकता, उपयोग, भंडारण और मरम्मत के लिए जिम्मेदार होगी।
ऑक्सीजन के उपयोग पर दिशा-निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए हैं, जिसने अस्पतालों में ऑक्सीजन के उपयोग का निर्देश दिया है। अस्सी प्रतिशत कोरोना रोगियों में हल्के या कोई लक्षण नहीं होते हैं, शेष 20 प्रतिशत में से 7 प्रतिशत में मध्यम लक्षण दिखाई देते हैं और 50 प्रतिशत मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इन रोगियों को प्रति मिनट लगभग 10 लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। गंभीर रूप से बीमार रोगियों में से तीन प्रतिशत को इस श्रेणी में ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
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