कोरोना वैक्सीन पर खुशखबरी : 150 करोड़ डोज की अडवांस बुकिंग


वॉशिंगटन

भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना टीकों का ट्रायल अंतिम चरण में है। कई कंपनियों ने ट्रायल में अच्छे परिणाम को देखते हुए बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है तो बड़े देशों के बीच इनकी खरीद और सौदों को लेकर होड़ मच गई है।

ऐसे में भारत ने भी 150 करोड़ से अधिक डोज खरीद के लिए बात फाइनल कर ली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 वैक्सीन डोज खरीद प्रतिबद्धता के मामले में भारत तीसरे नंबर पर है।

भारत से पहले अमेरिका और यूरोपीय यूनियन का नंबर है। भारत 1.5 अरब से अधिक डोज खरीद की पुष्टि कर चुका है, जोकि यूरोपीय यूनियन के 1.2 अरब डोज और अमेरिका के 1 अरब डोज से अधिक है, लेकिन अमेरिका और ईयू रैंकिंग में आगे संभावित डोज खरीद की वजह से हैं।

अमेरिका ने 1.5 अरब से अधिक संभावित डोज खरीद के लिए हस्ताक्षर कर दिया है। ईयू ने भी 76 करोड़ संभावित डोज सौदे पर हस्ताक्षर कर दिया है। 1.5 बिलियन संभावित डोज खरीद और एक अरब बुकिंग की वजह से अकेले अमेरिका ही 2.6 अरब डोज के लिए हस्ताक्षर कर चुका है। इससे संकेत मिलता है कि यह पूरी आबादी का एक से अधिक बार टीकाकरण करा सकता है।

भारत भी पहले से ही उन लोगों की प्राथमिकता सूची तैयार करने में जुटा है, जिन्हें पहले टीका लगाया जाएगा। एक बार पूरी तरह प्रभावी वैक्सीन के आ जाने के बाद अधिकतर आबादी के समयबद्ध तरीके से टीकाकरण के लिए एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह काम कर रहा है।

फाइजर का टीका 95 फीसदी असरकारक

कोरोना वायरस की घातक महामारी से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीन की खोज में जुटी फार्मा कंपनी Pfizer Inc को बेहद उत्साहजनक नतीजे मिले हैं। कंपनी ने कहा है कि उसकी बनाई वैक्सीन 95 फीसदी तक असरदार है। इसके साथ ही कंपनी अमेरिका में सबसे पहले FDA की इजाजत के लिए आवेदन देने के लिए कुछ ही दिन में तैयार हो जाएगी।

सभी उम्र, समुदायों पर असर

Pfizer की mRNAआधारित वैक्सीन BNT162b2 के क्लिनिकल ट्रायल के फाइनल अनैलेसिस के डेटा में यह सफलता मिली है। अमेरिकी कंपनी और पार्टनर BioNTech SE ने कहा है कि उनकी वैक्सीन से सभी उम्र और समुदाय के लोगों को सुरक्षा मिली है। इसकी सुरक्षा को लेकर भी कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है।

क्या रहे नतीजे

वैक्सीन का ट्रायल 44 हजार लोगों पर किया गया था। डेटा में पाया गया कि 170 वॉलंटियर्स को कोविड-19 हुआ जिनमें से आठ लोग ऐसे थे जिन्हें वैक्सीन दी गई थी और 162 को प्लसीबो। वैक्सीन ने बीमारी की गंभीरता को कम किया जबकि प्लीबो समूह के 10 में से 9 लोगों को गंभीर बीमारी हुई। डेटा में बताया गया है कि 65 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों पर वैक्सीन 94फीसदी से ज्यादा असरदार पाई गई।

गंभीर साइड इफेक्ट नहीं

जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी उनमें इसका अच्छा असर देखा गया और खास साइड इफेक्ट नहीं हुए। ज्यादा थकान की समस्या 3.7 फीसदी वॉलंटियर्स में दूसरी खुराक के बाद देखी गई लेकिन दो फीसदी से ज्यादा लोगों में सिर्फ यही एक गंभीर परेशानी देखी गई थी।


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