सरयू के 24 घाटों पर जलेंगे छह लाख दीये

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या में धार्मिक नगरी में 11 नवम्बर से शुरू होने जा रहे, दीपोत्सव कार्यक्रमों में सरकारी व्यवस्था के अलावा कई एनजीओ भी दीयों को जलाने की जिम्मेदारी लेने के लिए सामने आ रहे हैं। जिसमें से एक एनजीओ श्याम शक्ति गोशाला समिति है, जिसने गाय के गोबर व मूत्र से निर्मित करीब 50 हजार दीयों को इस अवसर पर जलाने का लक्ष्य तय किया है। अपनी योजना पर श्याम शक्ति गोशाला ने कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है।

बुधवार को नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास को संस्था ने गोबर से तैयार दीयों को भेंट करके अभियान की शुरुआत कर दी है। नया घाट स्थित हनुमानगढ़ी के महंत त्यागी नारायन दास को भी दीपक भेंट किया गया। एनजीओ के प्रमुख का कहना है कि गोबर के दीयों को अयोध्या व फैजाबाद के मंदिरों में जलवाने का निर्णय किया गया है जिसे प्रमुख मंदिरों मे वितरण बुधवार से शुरू कर दिया गया है।

नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि गाय के गोबर से निर्मित दीपों के प्रज्जवलित होने के बाद आध्यात्मिकता की रश्मि भी प्रसारित होगी। इनके प्रयोग से गोसंवर्धन व गोसंरक्षण को संबल मिलेगा ही साथ ही प्रदूषण पर भी नियंत्रण होगा। संस्था के महासचिव प्रवीण दूबे ने बताया कि अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों में आने वाले समय में दीपकों का वितरण किया जाएगा। संस्था की गोशाला में बड़े पैमाने पर दीप तैयार किए जा रहे हैं।

सरकारी व्यवस्था के तहत अवध यूनिवर्सिटी को 6 लाख दीयों को मुख्य कार्यक्रम की तिथि 13 नवम्बर को जलवाने की जिम्मेदारी दी गई।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget