कोरोना काल में मनपा की लापरवाही

मुंबई

कोरोना के इस संकट काल मे एक ओर मरीजों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है तो दूसरी ओर मनपा कर्मियों की लापरवाही से जीवनदान देने वाली डायलसिस व वेंटीलेटर मशीनें धूल खाती पड़ी हैं। केंद्र और राज्य सरकार मनपा और नपा की हर तरह से मदद कर रही है। मुंबई महानगर पालिका में तो एक अलग ही मामला सामने आया है। मनपा प्रशासन द्वारा खरीदी गई डायलसिस की मशीनें और कोरोना काल मे केंद्र सरकार से आई वेंटिलेटर की मशीनें धूल खाती पड़ी हंै । इस तरह का आरोप मनपा की स्वास्थ्य समिति की बैठक में भाजपा और रांकपा नगरसेवकों द्वारा लगाया गया। मनपा प्रशासन ने भी स्वीकार किया कि डायलिस मशीनों के साथ आरओ प्लांट नहीं होने से मशीनों का उपयोग नहीं हो सका।

उल्लेखनीय है कि कोरोना काल मे सबसे अधिक जरूरत मरीजों को वेंटिलेटर की पड़ी थी। कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की सबसे अधिक जरूरत पड़ी। इतना ही नही गंभीर अवस्था मे पाए गए कोरोना मरीजों के लिए वेंटिलेटर की सख्त जरूरत पड़ी। केंद्र सरकार ने मुंबई मनपा को वेंटिलेटर की मशीन उपलब्ध कराई जिसका उपयोग अभी तक नही किया जा सका है। रांकपा नगरसेविका डॉ. सईदा खान ने बताया कि अकेले कुर्ला भाभा अस्पताल में 45 वेंटिलेटर मशीन पड़ी हुई है। इसी तरह मुंबई भर में मनपा अस्पतालों में वेंटिलेटर मशीनें पड़े होने की संभावना जताई।वेंटिलेटर मशीन का उपयोग नही होने से कोरोना काल मे कई मरीजों को उचित ईलाज की सुविधा नही मिलने का आरोप लगा।स्वास्थ्य समिति सदस्यों ने मनपा प्रशासन से जानकारी मांगी की कितने वेंटिलेटर मशीन अभी तक बिना उपयोग के रखी पड़ी हैं, जिनका उपयोग नही हुआ। इसका लेखा जोखा देने का निर्देश स्वास्थ्य समिति अध्यक्षा प्रवीणा मोरजकर ने दिया। मनपा प्रशासन ने कोरोना काल के दौरान 12 डायलिस मशीन भी खरीदा था। डायलसिस मशीन के साथ आरओ प्लांट नही खरीदा गया जिससे मशीन का उपयोग पिछले छह माह से नही हो सका। मनपा ने डायलिस की एक मशीन 3 लाख से अधिक कीमत पर खरीदा था, लेकिन एक भी मशीन में आरओ प्लांट नही होने से मशीन का उपयोग नही हो सका।


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