हमे आजमाया तो मिलेगा प्रचंड जवाब

Modi

लोंगेवाला (राजस्थान) 

देश के दुश्मनों को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि अगर भारत को आजमाया गया तो प्रचंड जवाब दिया जाएगा। पीएम मोदी 2014 में पदभार संभालने के बाद से ही हर दिवाली जवानों के साथ मनाते आये हैं। इस बार वह जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए लोंगेवाला चौकी आए। 

अग्रिम चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए मोदी ने नाम लिए बगैर चीन पर निशाना साधा और कहा कि आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है। 

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज भारत आतंकियों और उनके आकाओं को उनके घर में घुसकर मारता है। इसे पड़ोसी देश में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ हवाई और सर्जिकल स्ट्राइल के संदर्भ में देखा जा रहा है। 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत दूसरों को समझने और उनके साथ आपसी समझ बनाने की नीति में विश्वास करता है लेकिन अगर उसे आजमाने की कोशिश की जाती है, तो इसका प्रचंड जवाब दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उसे चुनौती देने वालों को करारा जवाब देने के लिए भारत में ताकत और राजनीतिक इच्छाशक्ति है। 

प्रधानमंत्री ने मजबूत क्षमता होने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्यों न बढ़ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है और सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है। 

'हर सैनिकों के शौर्य पर गर्व' 

पीएम मोदी ने कहा, दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं, जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। उन्होंने जवानों से कहा, आपके इसी शौर्य को नमन करते हुये आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है। उन्हें आपकी अपराजेयता पर गर्व है। 

पीएम मोदी ने जवानों से कहा, आज के दिन मैं आपसे तीन आग्रह करना चाहता हूं। पहला कुछ न कुछ नवीन (इनोवेट) करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए। दूसरा योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए। तीसरा अपनी मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक भाषा जरूर सीखिए। आप देखिएगा, ये बातें आपमें एक नयी ऊर्जा का संचार करेंगी। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के आत्मनिर्भरता और वोकल फॉर लोकल अभियान का जिक्र किया। 


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