हंगामे के बाद समीक्षा अधिकारी की परीक्षा निरस्त

गोरखपुर

पर्चा आउट होने के आरोप और परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद विधान परिषद सचिवालय के विभिन्न पदों के लिए रविवार को होने वाली परीक्षा निरस्त कर दी गई। छात्रों के बवाल और आरोपों की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने विधान परिषद के प्रमुख सचिव से फोन पर बात की और स्थिति बताई। उसके बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा निरस्त होने की जानकारी दी। इस सूचना के बाद परीक्षार्थी शांत हो गए।

14 केंद्रों पर हो रही थी परीक्षा

विधान परिषद सचिवालय के विभिन्न पदों के लिए जिले के 14 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिलाधिकारी ने मीडिया को भी बताया कि परीक्षा निरस्त कर दी गयी है। इसे दोबारा आयोजित कराया जाएगा। प्रारंभिक पूछताछ और पड़ताल में पता चला है कि परीक्षा में करीब आधे घण्टे बाद पेपर दिया गया। परीक्षा निजी एजेंसी आयोजित करा रही थी। किसी मजिस्ट्रेट की मांग नहीं हुई थी। यह केंद्र सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर विवादों में रहा है और ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। केंद्र कैसे बनाया गया, उस बात की जांच की जाएगी। प्रथम दृष्टया परीक्षा केंद्र प्रभारी की भूमिका संदिग्ध लग रही है। कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा। दूसरी पाली में परीक्षा देने वाले परिक्षाथयों ने पेपर लीक होने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया था। परीक्षार्थियों का आरोप है कि कापी के सभी बंडल खुले हुए थे। दूसरी पाली की परीक्षा तीन बजे से शुरू होनी थी। दो बजकर पैतालिस मिनट पर जब पेपर खोला गया तो पता चला कि दूसरे परीक्षा केंद्र गुलाबी देवी इंटरमीडिएट कॉलेज इस्लामपुर का बंडल आ गया है। आनन-फानन में परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही टीसीएस कंपनी के कर्मचारी बंडल लेकर उक्त कॉलेज पर बदलने पहुंच गये। पेपर बदलने में लगभग आधा घंटा विलंब हो गया। जब कमरों में कापियां बंटने लगी तो सील खुला हुआ था। जबकि परीक्षार्थियों से सामने सील खोलने की बात कहते हुए हस्ताक्षर कराया जा रहा था। इसी बात को लेकर परीक्षार्थी पेपर लीक होने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया।


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