लक्ष्मी बैंक के डीबीआएल में विलय पर मुहर

एनआईआईएफ में 6000 करोड़ रुपये के निवेश को भी मंजूरी 

laxmivilas bank

नई दिल्ली 

केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का जोर आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने का है। इसके लिए पूंजी जुटाने के लिए अब डेट मार्केट का फायदा उठाया जाएगा।बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड एनआईआईएफ) में निवेश, संकटग्रस्त लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (डीबीआएल) में विलय के प्रस्ताव समेत कई अन्य फैसले को मंजूरी मिली है। 

नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश की कैबिनेट की ओर से बुधवार को मंजूरी दी गई। इस रकम का निवेश अगले दो साल में होगा। इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बॉन्ड मार्केट के द्वारा एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाई जा सकेगी। 

बता दें कि रिजर्व बैंक ने लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक में विलय के आदेश दिए थे। समूह की कंपनी एटीसी के 12 फीसदी शेयर एटीसी पैसिफिक एशिया ने लिए हैं। 17 नवंबर को भारतीय रिजर्व बैंक ने दक्षिण भारत के लक्ष्मी विलास बैंक को एक महीने के मोरेटोरियम पर डाल दिया था। रिजर्व बैंक ने बैंक को आदेश दिया था कि अगले एक महीने तक बैंक से कोई भी ग्राहक 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल पाएगा। रिजर्व बैंक के इस फैसले का असर बैंक के शेयरों पर दिख रहा है। 

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