दम है तो अलग-अलग चुनाव लड़कर दिखाएं: पाटिल

भाजपा मजबूत विपक्ष, सरकार को सोने नहीं देंग


मुंबई

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि राज्य में तीन अलग-अलग झंडा और विचारधाराओं वाली पार्टियों की सरकार में अगर हिम्मत है तो अलग-अलग चुनाव लड़कर दिखाएं, लेकिन सरकार में शामिल शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ऐसा नहीं करेगी, क्योंकि तीनों पार्टियों में हिम्मत नहीं है। राज्य की महाविकास आघाड़ी की पांच साल तक सरकार चलाने की तैयारी है तो भाजपा भी मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार को चैन की नींद सोने नहीं देगी। वे शनिवार को पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे। 

राउत का काम है आलोचना करना

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पाटिल ने कहा कि तीनों पार्टियां चाहे मिलकर या अलग-अलग चुनाव लड़े, भाजपा को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत द्वारा भाजपा पर किए गए आरोप का जवाब देते हुए पाटिल ने कहा कि राउत का कर्तव्य है कि वे भाजपा की आलोचना करें, क्योंकि राउत जिस पार्टी और पद पर बैठे है, उसके अनुसार भाजपा की निंदा कर सकते है। यह पहला मौका नहीं है, जब राउत ने भाजपा की आलोचना की है, इसके पहले अनेक बार वे भाजपा के विरोध में अग्रलेख लिख चुके हैं, इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि राउत सुर्खियों और मीडिया में बने रहने के लिए भाजपा की आलोचना करते रहते हैं। राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के मुखिया पर तंज कसते हुए पाटिल ने कहा कि राउत ने स्वीकार किया है कि सरकार को चलाने के लिए राकांपा प्रमुख शरद पवार से सलाह ली जाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य को उद्धव ठाकरे नहीं, बल्कि शरद पवार चला रहे हैं। चुनाव आयोग तो भाजपा की शाखा है, राउत के इस बयान का जवाब देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर फैसला हमारे पक्ष में है, तो सब कुछ ठीक है। अजित पवार और फड़नवीस ने शपथ ली और मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया, तो सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे साथ अन्याय किया है। विपक्षी यह बोल रहे थे, दूसरी तरफ पंजाब में कांग्रेस की सरकार बन गई तो चुनाव आयोग अच्छा है। यह उनकी सुविधाजनक राजनीति है।


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