दिवालिया होने की कगार पर पाकिस्तान

इस्लामाबाद

कंगाली के कगार पर पहुंच चुका पाकिस्तान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के लिये 2.7 बिलियन डालर (करीब बीस हजार करोड़ रुपये) का कर्ज चीन से लेगा। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार सीपीइसी के एमएल 1 प्रोजेक्ट में अन्य कामों के साथ पेशावर से लेकर कराची तक 1872 किमी लंबे रेलवे ट्रेक को अपग्रेड करते हुए दोहरीकरण होगा। इस पर 6.3 बिलियन डालर खर्च होगा, लेकिन पाकिस्तान अभी पहली किश्त के रूप में 2.7 बिलियन डालर का कर्ज ले रहा है।

एक फीसद के ब्याज पर चीन से कर्ज लेना चाह रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान ऐसे समय में कर्ज ले रहा है, जब कोरोना महामारी को लेकर वह दिवालिया होने की स्थिति में है। वित्त मंत्रालय ने इस पर अपनी सहमति देते हुए लेटर ऑफ इंटेट को अगले सप्ताह तक भेज दिया जाएगा। चीन अपनी अगले वर्ष की सभी योजनाओं को इस माह ही अंतिम रूप दे रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान कर्ज एक फीसद ब्याज पर लेना चाह रहा है। चीन की तरफ से यह साफ नहीं है कि वह उसकी इस शर्त पर राजी है या नहीं। पाकिस्तान को कई योजनाओं में चीन सहयोग कर रहा है, लेकिन उसका मकसद अपना आर्थिक हित देखना ज्यादा है।

सीपीइसी का लगातार भारत कर रहा है विरोध

बता दें कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीइसी) चीन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जो गुलाम कश्मीर और अक्साई चिन जैसे विवादित इलाकों से होकर गुजरता है। भारत लगातार इस प्रोजेक्ट का विरोध करता रहा है, क्योंकि यह गुलाम कश्मीर से होकर गुजरता है। मुख्य तौर पर यह एक हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जो चीन के काशगर प्रांत को पाकिस्तान के ग्वारदर पोर्ट से जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान में बंदरगाह, हाइवे, मोटरवे, रेलवे, एयरपोर्ट और पावर प्लांट के साथ ही दूसरे इंफ्रास्क्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को विकसित किया जाएगा।


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