ग्राउंड वॉटर का उचित संरक्षण आवश्यक: योगी

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में नदियों के जल को अविरल करने के प्रति बेहद गंभीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब ग्राउंड वॉटर के उचित संरक्षण के साथ नियोजन को भी बेहद जरूरी बताया है। सीएम ने लखनऊ में जल सरंक्षण पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गंगा नदी को लेकर अभियान का बड़ा असर हो गया है। उन्होंने नमामि गंगे का उदाहरण दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर में सीसामऊ नाला का सीवर गंगा नदी में गिरने से रोका गया। जिससे गंगा की निर्मलता में काफी बढ़ोतरी हुई है। प्रयागराज कुंभ में भी इसका बड़ा असर देखने को मिला। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर के सीसामऊ नाले के बारे में तो आप जानते ही हैं, जहां पर 14 करोड़ लीटर सीवर प्रतिदिन गिरता था। बीते वर्ष जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे की राष्ट्रीय परिषद की बैठक कानपुर में ली। उस समय स्वयं हम लोगों ने नाले के मुहाने पर खड़े होकर तस्वीर लेकर सबके सामने यह प्रदर्शीत किया था कि गंगा नदी में एक भी बूंद सीवर का पानी नहीं गिरेगा। यह बात एक नदी संस्कृति की अविरलता और निर्मलता के प्रति केंद्र तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में गोमती नदी अपने मुहाने पर सूख चुकी थी। गोमती नदी में लगभग 36 किलोमीटर तक का कार्य मनरेगा के अंतर्गत एवं शासन की अन्य योजनाओं के माध्यम से किया गया, इन कार्यों के चलते ही आज गोमती नदी की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्ष में जिस प्रकार के कार्यक्रम प्रारंभ हुए, उसमें सबसे पहला कार्यक्रम नमामि गंगे परियोजना का है, जिसमें देश की पवित्र नदियों की अविरल धारा और निर्मलता को बनाए रखने के लिए एक अभियान चलाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम जल की बात करते हैं, तब हमें इसके दोनों रूपों को ध्यान में रखना होगा। पहला ग्राउंड वॉटर, जिसका उचित संरक्षण व नियोजन आवश्यक है। दूसरा सरफेस वॉटर, जिसके लिए हमें अपनी पवित्र नदियों, ताल-तालाबों की स्वच्छता को बनाए रखना है।


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