चीन और पाक के पापों का भरता घड़ा

आतंक का मक्का पाक और भूमाफिया चीन अपनी पुरानी कुत्सित करतूतों पर पुन: अमादा हो गये है. पाक ने उसके देश में चल रहे आतंक के कारखानों और उसके कुख्यात कारोबारियों के मार्फत एक बार पुन: 26 /11 दुहराने की नाकाम कोशिश की. हमारी सतर्क सेना ने 'जैश ए मोहम्मद' के सभी आतंकियों को जहन्नुम रसीद करते हुए भारी मात्रा में घातक हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लिया है. जबकि चीन जिसको दुनिया के दर्जन भर से ज्यादा देशों में अपनी जमीन होने का दौरा पड़ता रहता है. अब भूटान के अन्दर ढाई किलोमीटर घुसकर एक गांव बसा लिया है, और ऐसा पातक करने के बाद खुद उसके ही लोग इसका ङ्क्षढढोरा पीट रहे है. यह उसकी नादानी, नीचता व बेशर्मी का ताजातरीन प्रमाण है. हम चीन को लगातार पटखनी दे रहे है, हमारा उसपर कूटनीतिक और आर्थिक प्रहार जारी है वह हमारी सख्त और आक्रमक सामरिक घेराबन्दी में कसमसा रहा है, और उससे निकलने का रास्ता नहीं पा रहा है. साथ ही उसके द्वारा अप्रैल-मई तक की स्थिति तक वापस जाने पर भी रजामंदी दिखाई जा रही है, फिर भी उसके द्वारा पाक को लगातार उकसाना और कभी नेपाल की जमीन हथियाना और कभी भूटान मे घुसपैठ कर, वह अपना असली चेहरा जो एक घटिया, विस्तारवादी व भूमाफिया का है दिखाता ही रहता है. उसे एक निर्लज्ज भूमाफिया की तरह अपने इन आपत्तिजनक और कुत्सित कार्यों की कोई शर्म नहीं है. वही हाल पाक का भी है, जो मोदी युग में कई सर्जिकल स्ट्राइक झेलने के बाद भी और हर हिमाकत का उससे कई गुना भुगतान पाने के बाद भी वह हेमशा इस ताड़ और प्रयास में रहता है कि, कैसे वह आतंकियों को हमारे यहां भेजकर कुछ उपद्रव कर सके? और निर्दोष आवाम को लहूलुहान कर सके. उसे यह पता नहीं कि भारत में आज-कल मोदी युग है अब सरकार और सेना सुरक्षात्मक कारवाई नहीं करती, बल्कि हिमाकत करने वाले को ऐसा सबक देती है कि उसे दिन में भी हमलों के सपने आते है. पाकिस्तान इन सबके बावजूद भी अपनी नापाक हरकतें नहीं बंद कर रहा है. तो मतलब साफ़ है कि उसे एक बार निर्णायक पाठ पढ़ाना जरूरी है. रही बात चीन की तो वह नेपाल के साथ जो कुछ कर रहा है, उसके लिए ओली और उनकी सरकार की नीति ही जिम्मेदार है. कम से कम अब तो उन्हें चीन का असली चेहरा समझ आ रहा है, परन्तु भूटान जैसे शांति प्रिय छोटे देश के साथ चीन की

ज्यादतियां पूरी तरह अनुचित, अनाधिकार और निंदनीय है. चीन की पाकिस्तान, नेपाल और भूटान में की जा रही खुराफातें किसी न किसी तरह हमे घेरने और उलझाए रखने की कुत्सित चाल है. कारण भूटान ने चीन की कभी नहीं सूनी, और नेपाल सुनकर अब पछता रहा है. रही बात पाक की तो उसका हमारे प्रति द्वेष और चीन का कठपुतली बनना दुनिया जानती है. अपने कर्मों से आज वह दुनिया का अछूत है, तो चीन दुनिया की आँखों की किरकिरी बन चुका है. पाक के आतंकवाद से और चीन की विस्तारवाद,भूमाफियागीरी और छोटे-छोटे देशों को कर्ज में फंसाकर उनका अनुचित दोहन करने की नीति से दुनिया चौकन्नी है. इन दोनों के काम सरकारों के नहीं अपराधियों जैसा है. अब समय आ गया है कि इनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार हो, जिसकी तैयारी हम तो लंबे समय से कर रहे है और जिसका अनुभव भी ये दोनों देश ले रहे है. अकेले हम इन दोनों और नेपाल पर भारी पड़े, और अब जो संकेत है कि पीओके भी जल्द हमारा हो सकता है. यही डर उस पर नाजायज काबिज पाक और उस पर अनाधिकृत निर्माण करने वाले चीन को ज्यादा बेचैन कर रहा है. यह दोनों किसी भी हद तक गिरने के लिए जाने जाते है, और हम इसी तरह इन्हें ट्रीट कर रहे है. इनकी हर चाल पर हमारी नजर है, और दुनिया भी इन पर लगाम लगाने के लिए काम शुरू कर चुकी है. लगता है इनका स्थायी इलाज अब होकर रहेगा, जो कब होगा यह कहा नहीं जा सकता, लेकिन कभी भी हो सकता है यह पक्का है

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget