राज्य में नहीं चाहता लॉकडाउन: उद्धव ठाकरे

Uddhav Thackeray

मुंबई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार रात 8 बजे राज्य की जनता को संबोधित करते हुए साफ किया कि वे फिलहाल राज्य में लॉकडाउन नहीं चाहते हैं, लेकिन स्थिति को देखते हुए आगे फैसला लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतनी है। इसलिए मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा में भीड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट खत्म नहीं हुआ है। पश्चिम (महाराष्ट्र) ने कोरोना संकट को अधिक गंभीरता से लिया है। पहली की तुलना में कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर एक सुनामी है।

26 नवंबर को कार्तिकी एकादशी पर आलंदी में मंदिर को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लेकिन अगर अलंदी में भक्तों की भीड़ होती है, तो उस समय की स्थिति को देखते हुए मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि 'मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी' अभियान में सभी ने कड़ी मेहनत की। इस अभियान के परिणामस्वरूप लोगों में जागरूकता आई है और महाराष्ट्र में कोरोना के केस में कमी आई है। 

राज्य को चाहिए वैक्सीन की 24-25 करोड़ डोज

सीएम ने आगे कहा कि महाराष्ट्र कोरोना से लड़ाई को तैयार है, सिस्टम दिन-रात काम कर रहा है। उन पर तनाव कम करना हमारी (जनता की) जिम्मेदारी है। महाराष्ट्र की आबादी बारह से साढ़े बारह करोड़ है। टीका की दो खुराक सभी तक पहुंचाने के लिए हमें 24 से 25 करोड़ डोज लगने वाली है। सरकार इसकी तैयारी में दिन रात जुटी हुई है। सरकार ऐसा प्रयास कर रही है कि सभी तक दवाई की डोज धीरे-धीरे पहुंच जाए।

बिना मास्क घूमने वालों से भी नाराज

सीएम ने बिना मास्क घूमने वालों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना मास्क के इतने लोग क्यों घूम रहे हैं? इस तरह वे अपनी और अपने परिवार के लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। राज्य में स्कूल खुलने वाले हैं, लेकिन लोगों में डर है। हमने सतर्क रहते हुए राज्य में कोरोना के केस कर किए हैं और अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मैं राज्य में लॉकडाउन नहीं करना चाहता।

जनता के प्रति जताया आभार

सीएम ठाकरे ने कहा कि कोरोना काल के दौरान अनेक त्यौहार आए। इसमें नवरात्र, दशहरा और महत्वपूर्ण दिवाली जैसे त्यौहार के बाद उत्तर भारतीय समाज के भाइयों और बहनों ने छठ पूजा बड़ी सादगी से मनाई, जिसके लिए मैं राज्य की जनता बहुत-बहुत आभारी हूं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण शिवसेना अपनी 60 साल की परंपरा तोड़ते हुए दशहरा रैली को शिवाजी पार्क की जगह स्वातंत्रवीर सावरकर हाल में सादगी से करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का संकट कम नहीं हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर आ गई है, जिसे देखते हुए गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश के कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है। अगर आप लोग यह नहीं चाहते कि राज्य में दोबारा लॉकडाउन लगे तो इसके लिए सावधानी बरतनी पड़ेगी। सीएम ने कहा कि जनता को यह नहीं सोचना चाहिए कि सब कुछ खोलने का मतलब है कि कोरोना चला गया है, अगर भीड़ बढ़ती है, तो कोरोना घटेगा नहीं, बल्कि बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोरोना ज्यादा खतरनाक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी होने के बाद ही घर से निकले। इसके साथ -साथ लक्षण नजर आने पर तत्काल जांच कराएं, जब तक कोरोना की दवा और वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक कोरोना महामारी के बचना अति आवश्यक है।


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