जीईएम पर पंजीकृत स्टार्टअप की संख्या हुई दोगुना

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नई दिल्ली

सरकार के ई-मार्केटप्लस मंच जीईएम पर पंजीकृत स्टार्टअप कंपनियों की संख्या एक साल में दोगुना से अधिक होकर 7,438 पर पहुंच गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इन स्टार्टअप को सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से कई ऑर्डर मिल रहे हैं। केंद्र सरकार के मंत्रालयों तथा विभागों के लिए वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद को जीईएम की शुरुआत अगस्त, 2016 में की गई थी।

जीईएम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तल्लीन कुमार ने कहा, अब हमारे पोर्टल पर 48,038 खरीदार, 7.42 लाख विक्रेता, 2.42 लाख सूक्ष्म एवं लघु उपक्रम (एसएमई), 7438 स्टार्ट, 10,252 उत्पाद श्रेणियां, 173 सेवा श्रेणियां है। एक साल पहले खरीदारों की संख्या 40,275, विक्रेताओं की संख्या 2.98 लाख, एमएसएमई की संख्या 59,536 और स्टार्टअप की संख्या 3,509 थी। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और एमएसई जैसे विक्रेता समूहों को बाजार पहुंच के जरिये हम मेक इन इंडिया पहल को भी प्रोत्साहन दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत अनुकूल स्टार्टअप माहौल के मामले में तीसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है। देश में 2019 में 1,100 स्टार्टअप जुड़े और इसके साथ प्रौद्योगिकी स्टार्टअप की कुल संख्या पिछले पांच साल में बढ़कर 8,900 से 9,300 पहुंच गई। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के संगठन नॉसकॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू स्टार्टअप परिवेश 2025 तक इसमें 10 गुना वृद्धि के लिए तैयार है।

40 लाख रोजगार देंगे स्टार्टअप

नॉसकॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्टार्टअप का मूल्य 2025 तक बढ़कर 350 से 390 अरब डॉलर पहुंच जाने का अनुमान है जो 2014 में करीब 10-20 अरब डॉलर था। साथ ही इस क्षेत्र में कुल रोजगार 2025 तक लाखों की संख्या में पहुंच जाने का अनुमान है वहीं परोक्ष रूप से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।


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