राज्यों में कोरोना वायरस की जांच हो तेज

केंद्र सरकार का निर्देश


नई दिल्ली

देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी के बाद शनिवार को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टेस्टिंग बढ़ाने की सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यूरोप और अमेरिकी देशों में कोरोना मामलों में वृद्धि को देखते हुए भारत इसके संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

मंत्रालय ने कहा है कि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में कोविड-१९ मामलों में वृद्धि के मद्देनजर केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परीक्षण बढ़ाने की सलाह दी है। बता दें कि भारत में कोरोना के नए केसों में 3.4 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पॉजिटिविटी दर 5 फीसदी या इससे कम रहती है तो संक्रमण का प्रसार नियंत्रण में रहता है।

देश की राजधानी दिल्ली में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आ चुकी है। 11 नवंबर को दिल्ली में रिकॉर्ड 8,593 नए केस दर्ज हुए थे। दिल्ली सरकार की माने तो राज्य में प्रति दस लाख की आबादी पर सबसे ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों ने सबसे अधिक नए मामले दर्ज किए हैं, लेकिन राष्ट्रीय औसत 94,679 की तुलना में प्रति मिलियन कम परीक्षण किए जाते हैं।बता दें कि कोरोना वायरस की अधिक से अधिक जांच कर वायरस प्रभावितों का जल्दी पता लगाकर इसे नियंत्रित करने की मुहिम में 20 नवंबर को देश में कुल जांच का आंकड़ा 13 करोड़ को पार कर गया। देश में वैश्विक महामारी कोविड-19 का पहला मामला इस वर्ष 30 जनवरी को आया था और इसके बाद सरकार ने लगातार जांच का दायरा बढ़ाकर संक्रमितों का पता लगाने और वायरस की रोकथाम पर जोर दिया। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के शनिवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि 20 नवंबर तक कुल जांच का आंकड़ा 13 करोड़ छह लाख 57 हजार 808 पर पहुंच गया है। इसमें 20 नवंबर को दस लाख 66 हजार 22 जांच की गई।


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