दि, डेक्कन मर्चेन्ट्स बैंक को मल्टीस्टेट बनाना लक्ष्य-काशिनाथ मोरे

 


दि डेक्कन मर्चेन्ट्स को. ऑप. बैंक लिमिटेड के चेयरमैन और दि मुंबई नागरीसहकारी बैंक एशोसिएशन के उपाध्यक्ष काशिनाथ दिनकर मोरे का कहना है कि पिछले कई महीनों से जारी लॉकडाउन के कारण बैंको की आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब हुई है। ग्राहकों को दिए गए कर्ज की रिकवरी करने में बैंको को दिक्कतें आ रही है। इसके लिए सरकार को सहकार विभाग के कानून में बदलाव करनाचाहिए। 


 बैंक की स्थापना कैसे हुई, संस्थापक कौन कौन थे? 

बैंक की स्थापना साल 1917 में हई थी। जिसके तहत बैंक पिछले 103 साल से ग्राहकों को अपनी सेवा दे रही है। बैंक के संस्थापक स्व. तात्यासाहेब सामंत के साथ कई और मित्र सदस्य शामिल थे। वर्ष 1914 गिरगांव में बड़ी संख्या में व्यापारी इकठ्ठा हुए उन्होंने मिलकर एक व्यापारी एसोसिएशन की स्थापना की इसके बाद उस एशोसिएसन को साल 1917 में बैंक के रूप में तब्दील कर दिया गया जिसके बाद से आज तक ग्राहकों को अपनी सेवा दे रही है। 

बैंक की 100 साल की लंबी यात्रा को किस रूप में देखते हैं ? 

बैंक का इतने लंबे समय से चलने का मुख्य कारण स्थापना से लेकर आज तक व्यापारियों का जुड़े रहना। जब किसी बैंक की बागडोर व्यापारियों के हाथ में होती है तो उस बैंक को चलाने में मुश्किल नहीं होती है। साल 1997 जब मैं बैंक के साथ जुड़ा तो उस समय बैंक का सालाना टर्न ओवर 200 करोड़ और आरबीआई ने एनपीए घोषित कर दिया था। बैंक का चेयरमैन बनने के बाद हमने पहला काम आरबीआई द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर समय मांगा। 

आपने बैंक की कमान कब संभाली ? 

9 जनवरी साल 2002में मुझे बैंक चेयरमैन की जिम्मेदारी मिली जिसके बाद आज तक मैं उस पद को संभाल रहा हूं। जब तक टीम का भरोसा बना रहेगा और स्वास्थ्य साथ देगा काम करता रहूंगा। 

मौजूदा समय में बैंक का कारोबार कितना है?

मौजूदा समय में बैंक का सालाना टर्न ओवर एक हजार करोड़ का है। जिसे आने वाले समय में बढ़ाने का प्रयास हम कर रहे है। 

राज्य में बैंक की कितनी शाखाएं है ? 

पूरे राज्य में दि डेक्कन को. ऑप. बैंक की 13 ब्रांच है। इसमें दादर सहित मुंबई में कुल आठ ब्रांच, ठाणे में, खारघर रोड में एक और  दो पुणे में है। इसके अलावा बैंक का डिजेस्टर डेटा भी है। 

बैंक को प्रॉफिट में लाने के लिए क्या किया ? 

बैंक के नियमों और कार्यप्रणाली में बदलाव किया गया। पुराने कमर्चारियों को ट्रेंनिंग दिया गया। इसके अलावा बैंक में फिक्स डिपॉजिट, रिकवरी, कर्ज के बदले रखी गयी प्रॉपर्टी बेचने सहित कई नियमो में बदलाव किया। 2003 में एनपीए कम हुआ इसके बाद आरबीआई ने बैंक को नए ब्रांचो को खोलने के लिए परमीशन दिया। इसके बाद वाशी, ठाणे, खारघर और पुणे में नयी शाखाएं खोली गई । हमारा लक्ष्य 20 ब्रांच शुरू करने का था लेकिन आरबीआई से अनुमति न मिलने के कारण यह शाखाएं अभी पेंडिंग है। 

बैंक की सभी शाखाओं में कुल कितने कर्मचारी कार्यरत हैं ? 

बैंक की कुल 13 शाखाओं में 180 कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन मौजूदा समय में 138 कर्मचारी बैंक में कार्यरत है। भविष्य में रिक्त पड़े पद को भरा जाएगा। 

बैंक से कितने ग्राहक जुड़े हुए है ? 

बैंक की 13 शाखाओं में कुल दो लाख से अधिक ग्राहक जुड़े हैं जबकि सदस्यों की संख्या 45 हजार से अधिक है। 

बैंक अपने ग्राहकों को क्या सुविधाएं दे रही है ? 

बैंक के ग्राहकों को जो जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए वो हमारी बैंक ग्राहकों को प्रदान करती है। इसमें मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा अभी तक नहीं शुरू की गयी है। इसमें आरटीजीएस से लेकर एनइएफटी जैसे मुलभुत सुविधाएं बैंक अपने ग्राहकों को देती है। 

क्या भविष्य में बैंक और ब्रांच शुरू करेगी ? 

भविष्य में हमारा 20 ब्रांच और खोलने का लक्ष्य है। इसमें मुंबई, नवीमुंबई, राज्य के ग्रामीण इलाके के अलावा राज्य के बाहर भी ब्रांच खोलने का हमारा लक्ष्य है। बैंक को मल्टीस्टेट करने के लिए हम प्रयास कर रहे है। 

केंद्र और राज्य से सहकारी बैंकों को क्या सुविधाएं मिलती है ? 

केंद्र और राज्य सरकार से को. ऑप. बैंक को कोई सुविधा नहीं मिलती है। सरकार और आरबीआई जो नियम लागू करती है उसका हम पालन करते है। लॉकडाउन के कारण बैंक के हुए आर्थिक नुकसान को लेकर हमने राज्य के सहकार मंत्री और आयुक्त को पत्र लिखा है। जल्द ही हम राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात कर अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराएंगे। सरकार को रिकवरी कानून में बदलाव करना चाहिए। 

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