अधिक तनाव आपको बना सकता है अपच का शिकार

Stomachache

आजकल, यहां तक बच्चों में गैस्ट्रिक समस्याएं, भ्रम, पढ़ने में एकाग्रता की कमी आदि हैं। यह उनके टिफ़िन में फास्ट फूड या जंक फूड की उच्च मात्रा के कारण भी है, जो वे बहुत मीठा खाते हैं। आउटडोर गेम्स और व्यायाम की कमी के कारण, मोबाइल, सोशल मीडिया और टेलीविजन पर गेम खेलने से बच्चों की पाचन शक्ति पर नकारात्मक असर पड़ता है। असंगठित जीवनशैली और स्वयं के स्वास्थ्य की उपेक्षा के कारण दुनिया की आधी से अधिक आबादी, जिनमें महिलाओं का एक बड़ा वर्ग भी शामिल है, इस समस्या से उबर रही है। 

आयुर्वेद के अनुसार, आहार और कुछ प्रमुख दवाओं के साथ॑साथ एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर चीजें एक अच्छा विकल्प हो सकती हैं। 

कीटनाशकों और रसायनों का अत्यधिक उपयोग अनाज की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर रहा है। इसलिए, पेय पदार्थों के बजाय आटा, दही, मोही, सूप और सलाद के बजाय छिलके वाली दाल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, मिश्रित अनाज और चोकर युक्त रोटी का सेवन करना उचित है। 

इसके अलावा, हर दिन कम से कम एक फाइबर खाने के लिए महत्वपूर्ण है। सुबह हल्का उबला पानी पीने से पेट स्वस्थ रहता है। नाश्ता एक बहुत ही महत्वपूर्ण भोजन है । यह या तो आपका दिन बना सकता है या तोड़ सकता है। 

आपको बिना भूख के नहीं खाना चाहिए। आपको थोड़े॑थोड़े अंतराल पर कुछ खाना चाहिए। लंबे समय तक फ्रिज में रखा खाना तुरंत गर्म नहीं करना चाहिए। स्टार्च और तले हुए खाद्य पदार्थ, उच्च चीनी खाद्य पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक, शराब से बचना चाहिए। 

तनाव से छुटकारा पाने के लिए पर्याप्त नींद, प्राणायाम, योग और ध्यान करना चाहिए। सकारात्मक विचार रखने से पाचन शक्ति भी ठीक रहती है और गैस, खट्टी डकारें, एसिडिटी, अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। 


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