बिजली बिल को लेकर भाजपा आक्रामक

भाजपा महिला मोर्चा का महावितरण कार्यालय पर मोर्चा


मुंबई

लॉकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं के बढ़कर आए बिजली बिल में छूट देने को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। राज्य सरकार द्वारा बिजली बिल में छूट देने की घोषणा के बाद लिए गए यू टर्न से भाजपा आक्रामक हो गई है। बढ़े हुए बिल में छूट देने की मांग को लेकर मुंबई भाजपा महिला मोर्चा ने शुक्रवार को राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के खिलाफ महावितरण कार्यालय पर मोर्चा निकाला।

मोर्चे में शामिल बड़ी संख्या में महिलाओं के अलावा भाजपा के नेताओं ने सरकार विरोधी नारा लगाते हुए सरकार से ग्राहकों को बिजली बिल में छूट की मांग की। लॉकडाउन के दौरान मुंबई सहित राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के बिल में वृद्धि की गई थी। लोगों के विरोध के बाद ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने राहत देने की घोषणा की थी, लेकिन फिर उन्होंने एक यू-टर्न लिया और कहा कि ग्राहकों को कोई राहत नहीं मिलेगी। बढ़कर आए बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा। भाजपा ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिजली बिल को लेकर सरकार ने जनता को धोखा दिया है। महावितरण कार्यालय के सामने निकाले गए मोर्च में भाजपा ने सरकार से बिजली बिल में जल्द से जल्द छूट देने की घोषणा करने की मांग की।

मोर्चे में शामिल भाजपा विधायक और मुंबई मनपा चुनाव प्रभारी अतुल भातखलकर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर अगर सरकार कैबिनेट की बैठक में बिजली बिल में छूट को लेकर कोई निर्णय नहीं लेती है तो भाजपा मंत्रालय में घुसकर आंदोलन करेगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान बिजली ग्राहकों के बिल में भारी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए सरकार को कोई कदम उठाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। अगर सरकार छूट नहीं देगी तो आगामी चुनाव में सरकार को जनता शॉक देने से नहीं चूकेगी।

सरकार का फ्यूज उड़ा: बावनकुले

राज्य के पूर्व ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार राज्य की गरीब जनता की मदद करना नहीं चाहती। लगता है कि इस सरकार का फ्यूज उड़ गया है, इसलिए बढ़े बिजली बिल का हल नहीं निकाल पा रही है। जनता को 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की घोषणा राज्य के ऊर्जा मंत्री राउत ने की थी, नहीं लिया गया है।

जनता और किसानों के साथ धोखा

भाजपा मीडिया के प्रदेश प्रमुख विश्वास पाठक ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जेब से एक पैसा निकाले बिना किसानों का बिजली बिल माफ करेगी, यह घोषणा किसानों के साथ धोखा है। यदि किसान बिल का भुगतान करते हैं, तो सरकार उतना ही ऋण देगी, जितना उन्होंने भुगतान किया है। जबकि किसानों के पास बिलों का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। विभिन्न कारणों से पीड़ित किसानों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान करने की बजाय सरकार बिजली माफी योजना के नाम पर चाल चल रही है। पाठक ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में किसानों की मदद करना चाहती है तो किसानों की प्रतक्ष्य रूप से मदद की घोषणा करें।


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