अर्नब की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

arnab goswami

मुंबई

बंबई उच्च न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के कथित मामले में गिरफ्तार रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब को तत्काल कोई राहत न देते हुए उनकी जमानत याचिका पर फैसला शनिवार को सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक की पीठ ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि वे जल्द ही आदेश पारित करेंगे। हालांकि उन्होंने कोई तारीख नहीं दी। अदालत ने कहा कि हम जल्द ही आदेश पारित करेंगे। इस मामले के लंबित होने से आरोपी व्यक्तियों को नियमित जमानत मांगने के लिए सत्र अदालत जाने से नहीं रोका जा रहा। महाराष्ट्र के रायगड़ जिले की अलीबाग पुलिस ने बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां की आत्महत्या से संबंधित मामले में चार नवंबर को गिरफ्तार किया था।

पुलिस की याचिका पर 9 नवंबर को सुनवाई

इधर अर्णब गोस्वामी की पुलिस हिरासत के बजाय न्यायिक रिमांड के मैजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली पुलिस की याचिका पर रायगड़ जिले के अलीबाग में सेशन कोर्ट 9 नवंबर को सुनवाई करेगी। अलीबाग में डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट ने शनिवार को यह आदेश जारी किया। उन्होंने अंतरिम जमानत की मांग की है और गोस्वामी की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उसे चुनौती दी है। पुलिस ने अपने आवेदन में सत्र अदालत से अनुरोध किया था कि निचली अदालत के आदेश को रद्द किया जाए और तीन आरोपियों को उनकी हिरासत में भेजा जाए। गोस्वामी को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक को कथित तौर पर खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को उनके लोअर परेल स्थित आवास से सुबह के समय गिरफ्तार किया गया था। उन्हें अलीबाग थाने ले जाया गया और बाद में मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट सुनैना पिंगले के समक्ष पेश किया गया। मैजिस्ट्रेट ने बुधवार देर रात आदेश जारी करते हुए तीनों को पुलिस हिरासत में भेजने से इंकार कर दिया और उन्हें 18 नवंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।


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