दूसरी लहर से निपटने के लिए मनपा तैयार

BMC

मुंबई

देश की राजधानी नई दिल्ली और अहमदाबाद में आई कोरोना की दूसरी लहर ने मुंबई मनपा की चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए मनपा अलर्ट मोड पर आ गई है। मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने एक वीडियो के माध्यम से मुंबई की जनता को सावधान किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिगड़ते हालत को देखते हुए हमें मुंबई में बेहद चौकन्ना और सावधान रहना होगा। 'नो मास्क-नो एंट्री' अभियान ही हम सभी को बचा सकता है। हम अपने शहरवासियों को मास्क पहनने के महत्व से अवगत कराएं, जिससे हमारे परिवार के सदस्यों की जान बच सके। हम यह कर सकते है। साथ ही कोविड-19 संबंधित नियमों को पालन करें। 

जरूरत पड़ने पर कब्जे में लेंगे निजी अस्पताल

इधर मनपा अतिरिक्त आयुक्त एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सुरेश काकानी ने बताया कि मुंबई में भी कोरोना की दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए मनपा पूरी तरह तैयार है। काकानी ने कहा कि इसी के चलते कोविड सेंटर को फिलहाल बंद नहीं करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जरुरत पड़ने पर निजी अस्पतालों के साथ नर्सिंग होम्स को भी दोबारा कब्जे में लेकर कोरोना मरीजों का इलाज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में बेड और कोरोना सेंटर तैयार किए गए हैं। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर भी तैयार कर दिए गए हैं। बीएमसी के पास पर्याप्त मात्रा में दवा तथा इंजेक्शन का स्टॉक मौजूद है।

58 कोविड सेंटर सक्रिय

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 58 कोविड सेंटर सक्रिय हैं, जिनमें से 10 प्रतिशत बेड भरे हुए हैं। 35 केंद्र ऐसे हैं, जिन्हें दो दिनों की नोटिस पर शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा 400 सेंटर ऐसे हैं, जिन्हें 8 दिनों के नोटिस पर शुरू किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें चरणों में शुरू किया जा सकता है। सभी स्थानों पर पहले सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन अब ऑक्सीजन की आपूर्ति टर्बो फैसिलिटी द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है।

धारावी में सिमटा कोरोना, मात्र 12 मरीज

प्रशासन की सतर्कता से धारावी परिसर में 'ऑल इज वेल' नजर आ रहा है। धारावी में अब मरीजों की संख्या इतनी तेजी से घटी है कि धारावी में कोरोना के मात्र 12 मरीज ही संक्रमित शेष बचे हैं, जिनका ईलाज अस्पतालों में चल रहा है। शुक्रवार को धारावी से कोरोना का मात्र एक नया संक्रमित मरीज मिला। कोरोना संक्रमण की शुरुआत में धारावी हॉट स्पॉट बन गया था। इसकी संकरी गलियों और घनी बस्तियों के घरों में दर्जनों लोग एक साथ रहते हैं, जो यहां के छोटे-छोटे कारखाने में काम करते हैं। धारावी में लोगों का घनत्व अधिक होने से कोरोना का संक्रमण भी तेजी से फैला। जिस पर काबू पाने में शासन और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

सरकार अपने फैसले पर अडिग

एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में महापौर किशोरी पेडणेकर ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण राज्य सरकार की तरफ से अभी तक मुंबई की जीवनरेखा लोकल ट्रेन सेवा आम जनता के लिए शुरू नहीं की है और 31 दिसंबर तक मुंबई में स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। ये मुंबईकरों के लिए बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं, इसलिए, सरकार किसी के दबाव के बावजूद अपने फैसले में अडिग है और अगर स्कूल शुरू होते हैं तो 'मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी' अभियान टूट जाएगा।

आम लोगों के लिए अभी नहीं खुले लोकल

उन्होंने कहा कि ज्यादातर मुंबईकर लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। हर कोई जानता है कि पीक आवर्स के दौरान लोकल में भीड़ होती है। कोरोना संक्रमण के दौरान, कोरोना वायरस भीड़ के माध्यम से कहीं भी पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं, इसलिए लोकल ट्रेनों को अभी सभी के लिए शुरू नहीं किया जाना चाहिए।

महापौर ने मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल द्वारा उठाए गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या में जिस तरह की बढ़ोत्तरी नजर आ रही है, उससे आयुक्त का 31 दिसंबर तक स्कूल बंद करने का निर्णय सराहनीय है।




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