67 साल बाद होगी एयर इंडिया की घर वापसी

 


सबसे बड़े औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप ने संकट से जूझ रही सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया को खरीदने के लिए अभिरुचि पत्र सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक टाटा ग्रुप ने बीते सप्ताहांत एयर इंडिया के लिए बोली सौंपी। इस तरह एयर इंडिया की 57 साल बाद घर वापसी हो सकती है। माना जा रहा है कि टाटा ने इसके लिए एयरएशिया इंडिया का इस्तेमाल किया है जिसमें टाटा संस की बहुलांश हिस्सेदारी है। एयर इंडिया के 200 कर्मचारियों के भी ईओआई सौंपने की उम्मीद है। एयर इंडिया के लिए ईओआई सौंपने की समयसीमा शाम 5 बजे तक थी। स्पाइसजेट के अजय सिंह की भी एयर इंडिया पर नजर थी, लेकिन कंपनी ने इस पर टिप्पणी करने से इंकार किया है। सरकार ने 2018 में भी एयर इंडिया को बेचने की कोशिश की थी लेकिन तब इसके लिए कोई आगे नहीं आया था। लेकिन इस बार कई कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। 

1953 में राष्ट्रीयकरण 

उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले साल कहा था कि अगर एयर इंडिया का निजीकरण नहीं किया गया तो इसे बंद करना पड़ सकता है। पुरी ने कहा कि एयर इंडिया का निजीकरण एक गोपनीय प्रक्रिया है। संबंधित विभाग (डीआईपीएएम) उचित समय पर टिप्पणी करेगा। टाटा ग्रुप ने 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरूआत की थी। भारत सरकार ने 1953 में एयर इंडिया को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया। 



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