राज्य को डुबाएंगे सरकार के सलाहकारः फड़नवीस

बीकेसी में कारशेड बनाने से ज्यादा रखरखाव पर आएगा खर्च

fadanvis

मुंबई

कांजुरमार्ग में मेट्रो कारशेड के निर्माण कार्य पर स्थगन मिलने के बाद राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार वैकल्पिक जगह की तलाश कर रही है। चर्चा है कि सरकार बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स में बुलेट ट्रेन परियोजना की जगह पर मेट्रो 3 का कारशेड बनाने पर विचार कर रही है। इस तरह की चर्चाओं पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता विपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। फड़नवीस ने कहा कि सरकार के सलाहकार राज्य को डुबाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन के डिपो के स्थान पर अगर सरकार मेट्रो कारशेड स्थापित करने पर विचार कर रही है तो इसके लिए पांच से छह हजार करोड़ रुपए खर्च आएगा। इसके अलावा कारशेड के रखरखाव के लिए सालाना छह से आठ गुना और खर्च सरकार को करना पड़ेगा।

सरकार को कोई दे रहा गलत सलाह 

फड़नवीस से कहा कि बीकेसी में मेट्रो कारशेड बनाना संभव नहीं है। इस बारे में सरकार को कोई गलत सलाह दे रहा है। उन्होंने मेट्रो कार शेड को बीकेसी में शिफ्ट करने की सरकार की तैयारियों पर कहा कि बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट पूरी तरीके से अंडर ग्राउंड प्रोजेक्ट है। इसमें जमीन 3 लेवल नीचे तक काम किया जाएगा। जमीन के ऊपर केवल 500 मीटर तक की जगह ही बुलेट ट्रेन के इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल की जाएगी। ऐसे में अगर महाराष्ट्र सरकार मेट्रो कार शेड के लिए लगने वाली जमीन अंडर ग्राउंड कार शेड बनाने को लेकर विचार कर रही होगी तो 500 करोड़ कंस्ट्रक्शन की कीमत 5000 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड कार शेड की मरम्मत का खर्च जमीन के ऊपर बनने वाले कार शेड से करीबन 5 गुना ज्यादा होगा। इसलिए इस तरह के पर्याय से सरकार को बचना चाहिए नहीं तो मेट्रो प्रोजेक्ट पूरी तरीके से लटक जाएगा। ऐसे में इस तरह का सुझाव जो भी सरकार को दे रहा है, वह पूर्णता सरकार और राज्य को डुबाने की सलाह दे रहा है। 

मुंबईकरों को मेट्रो से वंचित करने का प्रयास 

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि मुंबईकरों को मेट्रो से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पहले गुरुवार को कांजुरमार्ग मेट्रो कारशेड को लेकर बंबई उच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद फड़नवीस ने ठाकरे सरकार की जमकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा था अधिकारियों का अनुचित दबाव डालकर सरकार ने मेट्रो-3 कारशेड के लिए कांजुरमार्ग में एमएमआरडीए को 102 एकड़ ज़मीन हस्तांतरित करने के लिए उप-जिला अधिकारी को मजबूर किया, जिसे लेकर उच्च न्यायालय ने फैसला दिया है। जिलाधिकारी ने बदली हुई राजनीतिक स्थिति से दूसरे पक्ष को सुने बिना अपना फैसला किया। हम जानते हैं कि भूमि हस्तांतरण के फैसले को स्थगित करने से सार्वजनिक परियोजना में देरी होगी। 

नया विवाद होने की संभावना 

बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट के कांजुरमार्ग कार शेड को लेकर आए फैसले के बाद बीकेसी में मौजूद जमीन पर इस प्रोजेक्ट को शिफ्ट करने पर चर्चा की खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने अगर वाकई में मेट्रो 3 कार शेड के लिए बीकेसी की बुलेट ट्रेन के स्टेशन की जगह को अगर फाइनलाइज किया तो फिर एक बार केंद्र सरकार बनाम महाराष्ट्र सरकार यह नया विवाद छिड़ने के पूरे आसार है। 


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