आंदोलनकारी किसान सरकार से चर्चा को राजी

farmers protest

नई  दिल्ली

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 31वां दिन है। इस बीच, दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों ने बैठक की। जिसमें सरकार के प्रस्ताव पर निर्णय लेते हुए किसान संगठनों ने आगे की बातचीत पर सहमति जताई है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने सरकार के प्रस्ताव पर बैठक के बाद कहा कि उन्होंने 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे केंद्र के साथ वार्ता प्रस्तावित की है।मोर्चा ने सरकार को लिखे पत्र में कहा, ‘24 दिसंबर को आपका पत्र प्राप्त हुआ। अफसोस है कि इस चिठ्ठी में भी सरकार ने पिछली बैठकों के तथ्यों को छिपाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। हमने हर वार्ता में हमेशा तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की। सरकार ने इसे तोड़-मरोड़ कर ऐसे पेश किया, मानो हमने इन कानूनों में संशोधन की मांग की थी। आप अपनी चिठ्ठी में कहते हैं कि सरकार किसानों की बात को आदरपूर्वक सुनना चाहती है। अगर आप सचमुच ऐसा चाहते हैं तो सबसे पहले वार्ता में हमने क्या मुद्दे कैसे उठाए हैं, इसके बारे में गलतबयानी ना करें और पूरे सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर किसानों के खिलाफ दुष्प्रचार बंद करें।’ संयुक्त किसान मोर्चा ने आगे लिखा, ‘बहरहाल, चूंकि आप कहते हैं कि सरकार किसानों की सुविधा के समय और किसानों द्वारा चुने मुद्दों पर वार्ता करने को तैयार है, इसलिए हम संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सभी संगठनों से बातचीत कर निम्नलिखित प्रस्ताव रख रहे हैं। हमारा प्रस्ताव यह है कि किसानों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच अगली बैठक 29 दिसंबर सुबह 11 बजे आयोजित की जाए।’


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget