असली समाज कंटक यही है

पहले उज्जैन और अब इंदौर में अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए चन्दा एकत्र करने के लिए जागरूकता के लिए निकाली जाने वाली रैली पर हमला और उस दौरान राम भक्तों से मार पीट की घटना जितनी निंदनीय है, उतनी ही चिंतनीय भी. कारण किसी भी धार्मिक रैली या जुलूस पर इस तरह हमला या मार पीट सामाजिक सौहार्द और सदभाव बिगाड़ने की कोई साज़िश भी हो सकती है. ऐसे मामलों को संबंधित प्रदेश सरकार और प्रशासन को काफी गंभीरता से लेने की जरूरत है. माननीय सर्वोच्च न्यायलय के फैसले के बाद दोनों समुदायों यानी देश के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय ने जिस तरह इसका अभिनंदन किया था और जिस तरह आज राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है. 

मस्जिद बनने की दिशा में भी हलचल तेज हुई है. ऐसा लगने लगा था कि अब इस विवाद के खत्म होने के साथ देश में सांप्रदायिक सदभाव और सामंजस्य की एक नई गंगा प्रवाहित होगी और देश का बच्चा-बच्चा देश को दुनिया का सबसे सशक्त, समृद्ध और सम्पन्न राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अभियान में जी -जान से जुटेगा, लेकिन जिस तरह अभी भी कुछ विघ्नसंतोषी जन लगातार बयान दे रहे हैं, गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हैं और अब तो राम भक्तों पर हमले कर रहे हैं, यह माहौल बिगाड़ सकते हैं इसका ध्यान और भान हर देश प्रेमी और सांप्रदायिक सौहार्द के पक्षधर नागरिक को रखना होगा. साथ केंद्र और राज्य सरकारों की मशीनरी को भी हर तरह से चौकस रहना होगा और कहीं भी कोई भी ऐसा कुछ करता या बोलता है जो इस देश के समाजिक ताने- बाने चोट पहुंचाने का कारक बनते दिखता है तो उसका कड़ा प्रतिकार और बंदोबस्त होना चाहिए. 

देश में क्षुद्र राजनीति करने वालों की कमी नहीं है, जो मौके की ताक में रहते हैं कि कैसे कोई अवसर मिले और वे माहौल को खराब कर अपना उल्लू सीधा कर सकें और अपनी राजनीति की दूकान को चमका सकें और चालू रख सकें. ऐसी राजीनति का मुखौटा ओढ़ कर विशुद्ध मजहबी राजनीति करने वाले और समाज को बांटने का एजेंडा चलाकर अपना और अपनों का भला करने वाले तत्वों का कैसे बंदोबस्त हो इस पर भी देश के नीति नियंताओं को विचार करना जरूरी है. 

देश की एकता उसकी समाजिक समरसता और सौहार्द सर्वोपरि है.  इस पर किसी भी तरह का अाघात चाहे जो करे, कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अतिरेक किसी भी तरह का हो उसका स्वागत नहीं किया जा सकता. जिस तरह मध्य प्रदेश में उज्जैन और इंदौर में हमले हुए हैं यह पैटर्न नहीं बनना चाहिए, इसकी खबरदारी मध्य प्रदेश सरकार को लेनी चाहिए. दोषियों को ढूंढ कर निकालना चाहिए और उनपर हर संभव कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिये. सरकार अपना काम करे और करती है उसके साथ ही समाज की हर जाति-धर्म के लोगों को भी एेसे लोगों के खिलाफ मुखर होने की जरूरत है, जो अपने उल्टे सीधे बयानों से अपनी धार्मिक या राजनीतिक दुकान चलाने के लिए कुछ भी बोलते रहते हैं. 

यह ऐसा बांटने वाला कार्य इस लिए करते हैं, क्योंकि इससे इन्हें सियासती या मज़हबी फायदा मिलता है. जब इन्हें ऐसा फायदा नहीं मिलेगा तो ये अपने आप ऐसा कुत्सित एजेंडा चलाना बंद कर देंगे. इसके लिए जनता को जागरूक करना होगा और ऐसा सिर्फ सरकार अकेले नहीं कर सकती. हर समाज के जानकार और देश समाज की िहतचिंतक तबक़ों को गोल बंद होकर एेसे विघ्न संतोषी तत्वों को बेनकाब करना होगा और जनता को यह समझना होगा कि वह हर फैसले किसी के उत्तेजक भाषणों से या बहकावे में आकर ना लें, बल्कि अपने विवेक से देश और समाज के लिए जो हितकर रहे, वह कदम उठाये. तभी बात बनेगी. विघ्न संतोषियों से से सावधानी जरूरी है. असली समाज कंटक यही हैं.

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