अदालत ने अर्नब को आरोप पत्र को चुनौती देने की अनुमति दी


मुंबई

बंबई उच्च न्यायालयने 2018 में आत्महत्या के लिए उकसानेके एक मामलेमें पत्रकार अर्नब गोस्वामी को उनके खिलाफ दाखिलआरोप पत्रको चुनौती देनेकी बुधवार को अनुमति प्रदान कर दी। इसके पहले, उच्च न्यायालयको बताया गया कि रायगढ़ जिलेमें मजिस्ट्रेटकी एक अदालत ने दस्तावेज का संज्ञान ले लिया है। गोस्वामी के वकील आबाद पोंडा ने अदालत को बताया कि पड़ोसी जिलेमें अलिबाग में मजिस्ट्रेटकी अदालत ने इंटीरियर डिजाइनर से जुड़ेआत्महत्या मामलेमें उनके मुवक्किल तथा दो अन्य लोगोंके खिलाफ पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्रपर संज्ञान लेलिया है। पोंडा नेइसके बाद दो सालसे भी पुराने मामलेमें अलीबाग पुलिस थानेमें दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देनेवाली पब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ की याचिका में सुधार के लिए उच्च न्यायालयसे वक्त मांगा । न्यायमूर्ति एस एस शिंदेऔर न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने यह अनुरोध को स्वीकार कर लिया और मजिस्ट्रेटकी अदालत को गोस्वामी को आरोपपत्रकी प्रतिअतिशीघ्र उपलब्ध करानेके निर्देश दिए । येआरोप पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनयना पिंगलेकी अदालत में दाखिल किया गया था। इस मामलेमें उच्च न्यायालय अब छह जनवरी को आगे सुनवाई करेगा। गौरतलब है किआर्कीटेक्ट-इंटीरियर डिजाइनर अनवय नाइक की आत्महत्या मामलेमें गोस्वामी तथा दो अन्य आरोपियोंको अलीबाग पुलिस नेचार नवंबर को गिरफ्तार किया था । गोस्वामी नेअपने ऊपर लगेसभी आरोपोंसे इनकार किया और उस वक्त उच्च न्यायालयमें एक याचिका दाखिल करके प्राथमिकी रद्द करने तथा अंतरिम जमानत देनेका अनुरोध किया था। 


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