सबसे पहले भारत को मिलेगी वैक्सीन

 

Vaccine

नई दिल्ली

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि सरकार जल्द ही कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे सकती है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि कंपनी ने वैक्सीन के करीब 50 मिलियन डोज तैयार किया है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका मिलकर कोरोना वैक्सीन बना रहा है। ऑक्सफोर्ड ने टीके के लिए भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) से करार किया है।

बता दें कि ऑक्सफोर्ड के टीके का भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) से करार है और जल्द ही ब्रिटेन में इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद सबसे असुरक्षित वर्गों के टीकाकरण में तेजी आएगी। इसको लेकर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि हमारे पास कोविशिल्ड की 40-50 मिलियन खुराक हैं। एक बार जब हमें कुछ दिनों में विनियामक अनुमोदन मिल जाता है, तो यह सरकार को तय करना होगा कि वे कितनी खुराक ले सकते हैं और कितनी तेजी से ले सकते हैं। हम जुलाई 2021 तक लगभग 300 मिलियन खुराक का उत्पादन करेंगे।

बच्चों के लिए निमोनिया की पहली स्वदेशी वैक्सीन लांच

इस वैक्सीन को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज एक कार्यक्रम के दौरान इसे लांच किया।

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के सीईओ अदार पूनावाला ने भी अपने ट्विटर हैंडल के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, डॉ. हर्षवर्धन, बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए सीरम इंस्टिट्यूट की बनाई पहली ‘मेड इन इंडिया’ वैक्सीन निमोसिल को लांच करने के लिए धन्यवाद।

सीरम इंस्टिट्यूट के एक बयान में कहा गया है कि निमोनिया कोविड-19 के गंभीर लक्षणों में से एक है। यह वैक्सीन बच्चों में निमोनिया को रोकने में अहम भूमिका अदा करेगी। चूंकि इस समय कोविड-19 के लिए जो वैक्सीन डिवेलप की जा रही है, वह बच्चों के लिए नहीं है। ऐसे में निमोनिया की यह स्वदेशी वैक्सीन बच्चों को गंभीर कोरोना लक्षणों से बचा सकती है।


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