बन गई आधी बात

दो पर सहमति, दो मुद्दों पर चार जनवरी को होगी चर्चा


नई दिल्ली

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की बुधवार को सरकार के तीन मंत्रियों के साथ छठें दौर की वार्ता हुई। बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दावा किया बातचीत अच्छे वातावरण में हुई है। सरकार और किसान नेताओं के बीच चार में से दो मुद्दों पर सहमति बन गई, जबकि अन्य दो मुद्दों के लिए चार जनवरी को फिर से बैठक होगी। हजारों की संख्या में पंजाब-हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों के किसान पिछले एक महीने से भी अधिक समय से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं।

दोपहर ढाई बजे शुरू हुई किसान संगठन के नेताओं और सरकार के बीच बैठक के खत्म होने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ''आज की बैठक पहले की तरह बहुत अच्छे वातावरण में हुई। आज की बैठक में किसान संगठनों के नेताओं ने जो चार विषय चर्चा के लिए रखे थे, उसमें दो मुद्दों पर रजामंदी हो गई है। पहला- पराली को लेकर और दूसरा- बिजली कानून।'' उन्होंने आगे कहा कि कृषि कानूनों और एमएसपी पर कानून को लेकर चर्चा खत्म नहीं हुई है। इसके लिए फिर से चार जनवरी को बैठक होगी। तोमर ने कहा, ''सर्दी का मौसम है, इसलिए किसानों को बुजुर्गों और बच्चों को घर जाने के लिए कहना चाहिए। यह भी किसान संगठनों से मैंने कहा है।''

वहीं, किसान संगठनों में एक संगठन के नेता कलवंत सिंह संधू ने बैठक के बाद कहा, ''सरकार और किसान यूनियनों के बीच अगले दौर की बैठक चार जनवरी को होगी।'' उन्होंने आगे कहा कि आज की बैठक मुख्य रूप से बिजली और पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्रित रही। अगली बैठक में एमएसपी गारंटी और तीन कृषि कानूनों पर बात होगी।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम कुछ तो संतुष्ट हैं। दो मांगों को मान लिया गया है। अगली बैठक में हम MSP और तीन क़ानूनों को लेकर सरकार से बात करेंगे। कल की ट्रैक्टर रैली को हमने स्थगित कर दिया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलवे, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोमप्रकाश विज्ञान भवन में 41 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर रहे थे। दो घंटे तक चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री प्रदर्शनकारी किसानों के लंगर में भी शामिल हुए। आंदोलन कर रहे किसान अपनी मांगों पर डटे हुए हैं कि सरकार तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करे। इसके साथ ही एमएसपी पर कानून भी बनाए। वहीं, पराली और बिजली को लेकर भी किसानों ने मांग रखी है।

नए कृषि कानूनों पर गतिरोध सुलझाने के लिए बुधवार को छठें दौर की वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा भोजन के लिए लंगर के आयोजन में तीन केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए।


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