भारत में सबसे पहले 'ऑक्सफोर्ड' वैक्सीन को मिल सकती है मंजूरी

Vaccine

नई दिल्ली

भारत में कोरोना वायरस की रोकथाम के संभावित टीके को जनवरी में बाजार में उतारने की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में सूत्रों का कहना है कि भारतीय औषध नियामक की नजर ब्रिटेन के औषध नियामक पर है जो सूत्रों के मुताबिक ऑक्सफोर्ड द्वारा निर्मित कोविड-19 के टीके को अगले हफ्ते मंजूरी दे सकता है। भारतीय नियामक उसके बाद ही सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाए जा रहे टीकों के आपात स्थिति में इस्तेमाल के बारे में फैसला लेगा।

बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका मिलकर कोरोना टीका तैयार कर रहे हैं। इस दौरान एस्ट्राजेनेका के सीईओ ने यह दावा किया है कि ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन वायरस से 95 फीसदी सुरक्षा देगी। यह फाइजर और मॉडर्ना के टीके के बराबर ही कारगर होगी। ऑक्सफोर्ड की इस वैक्सीन का भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट में हो रहा है। केंद्र सरकार आपात इस्तेमाल के लिए जिन तीन टीकों पर विचार कर रही है, उनमें ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन कोविशील्ड भी शामिल है।

ब्रिटेन का नियामक ऑक्सफोर्ड निर्मित टीके को मंजूरी देता है तो केन्द्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 विशेषज्ञ समिति बैठक करेगी तथा विदेश और भारत में क्लिनिकल आकलन से प्राप्त होने वाले सुरक्षा एवं प्रतिरक्षाजनत्व आंकड़ों की गहराई से समीक्षा करेगी एवं उसके बाद ही यहां पर टीके के आपात इस्तेमाल संबंधी मंजूरी दी जाएगी। एस्ट्राजेनेका के सीईओ पास्कल सोरियट ने कहा है कि वैक्सीन वायरस के खिलाफ 95 फीसदी तक प्रभावशीलता रखती है।


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