कोस्टल रोड प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से इंकार

सिटी सिविल कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई

Coastal Road

मुंबई

मुंबई सिटी सिविल कोर्ट ने कोस्टल रोड प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि हम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर रोक नहीं लगा सकते। दरअसल कोर्ट में तारापोरवाला मछलीघर के निकट स्थित पंचम प्याऊ को गिराने पर रोक लगाने की मांग को लेकर कोर्ट में दावा दायर किया है। यह प्याऊ कोस्टल रोड के अलाइनमेंट में आता है, लेकिन कोर्ट ने इस प्याऊ को गिराने पर रोक लगाने से मना कर दिया है। इस तरह से अदालत ने कोस्टल रोड प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से इंकार किया है। दावे में कहा गया है कि यह प्याऊ इलाके में आने वाले जरुरतमंदों की प्यास बुझाता है। 1993 में इस प्याऊ को मंजूरी दी गई थी। दावे के मुताबिक मुंबई महानगरपालिका की मंजूरी के बिना इस प्याऊ को गिराया जा रहा है।

न्यायाधीश के सामने याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कहा कि प्याऊ को गिराने का निर्णय म्यूनिसिपल कार्पोरेशन एक्ट 1887 की धारा 269 के विपरीत है। इसलिए अंतरिम राहत के तौर पर इस प्याऊ को गिराने के संबंध में जारी किए गए पत्र पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमानुसार प्याऊ को गिराने के बाद वैकल्पिक जगह देना जरुरी है, लेकिन यह जगह भी नहीं दी गई है। वहीं मुंबई महानगरपालिका की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जोयल कार्लोस ने कहा कि कोस्टल रोड प्रोजेक्ट एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इस पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। मनपा ने नियमों के तहत प्याऊ के विषय में निर्णय लिया है। इन दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने इस मामले में किसी प्रकार का अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि दक्षिण मुंबई को उत्तर मुंबई से जोड़नेवाले 35.6 किमी लंबा कोस्टल रोड प्रोजेक्ट का 17 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 2023 तक इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद है।


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