सभी सीटों पर मनपा चुनाव लड़ेगी वंचित आघाड़ीः आंबेडकर

 

prakash ambedkar

जितेंद्र मिश्रा

वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर का कहना है कि राजनीतिक आजादी की तरह आर्थिक आजादी भी महत्वपूर्ण है। नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन सही है, जिसे देखते हुए सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि कोरोना काल के दौरान राज्यकी महाविकास आघाड़ी सरकार ने कुछ काम नहीं किया। कांजुरमार्गमें मेट्रो कार शेडका निर्णय मौजूदा सरकार का नहीं, बल्कि पिछली सरकार में एक्सपर्ट कमेटी का था। उन्होंने कहा कि आगामी मनपा चुनाव में हमारी पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रस्तुत है, ऐसे ही कई मुद्दोंपर प्रकाश आंबडेकर के साथ की गई बातचीत के प्रमुख अंश। 


कृषि कानून को लेकर किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर आप क्या कहेंगे? 

केंद्र सरकार को किसानों से बातचीत कर आंदोलन खत्मकरना चाहिए। सरकार ने सभी कार्य प्राइवेट सेक्टर को देने का काम शुरू कर दिया है। राफेल विमान अंबानी ग्रुप को दे दिया। इसके अलावा और भी चीजों को प्राइवेट सेक्टर को बेचने का काम सरकार ने शुरू किया है। इस देश की फूड सिक्युरिटी की देखरेख एफसीआई करती थी। यह तीन कृषि कानून उसी को लेकर है। किसानों के माध्यम से फूड सिक्युरिटी बनती थी, इसको खत्म करने का सरकार का इरादा है। जिस प्रकार राजनीतिक आजादी महत्वपूर्णहोती है उसी तरह आर्थिक आजादी भी महत्वपूर्ण है। 

क्या किसानों का आंदोलन करना सही है? 

किसानों का आंदोलन 100 फीसदी सही है। संवैधानिक दायरे में बनी एग्रीकल्चर प्राइज कमीशन कीमतों को तय करती है। किसानों की मांग है कि कमीशन द्वारा तय किए गए कीमतों को कानून के रूप में या सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानून में समावेश किया जाए। 

क्या कृषि कानून को लेकर हो रही राजनीति ठीक है? 

देश में हर विषयपर राजनीति होती है। चाहे वो धर्मकी बात या जातिकी। मौजूदा समयमें घर-घर में राजनीति शुरू है। इसका यह मतलब नहीं कि किसानों के मुद्दोंपर राजनीति हो रही है। अगर सरकार किसानों की मांगों को मान लेती है तो इसमें कोई राजनीतिवाली बात ही नहीं है। 

कांजुरमार्गमें मेट्रो कारशेडको लेकर आप क्या कहेंगे? 

कांजुरमार्ग मेट्रो कारशेड मामले में जो पहली रिपोर्टआई थी, उसमें कांजुरमार्गमें ही मेट्रो कारशेड बनाने के लिए कहा गया था, लेकिन राज्य की पिछली महायुति की सरकार ने उसे गोरेगांव के आरे में शिफ्ट कर दिया। पूरे मुंबई में आरे ही एक स्थान बचा हुआ है, जिसके कारण मुंबईकरों को शुद्ध हवा मिल रही है। अगर इसे भी खत्म कर दिया गया तो करोड़ों की संख्यामें रहने वाले मुंबई वासियों के स्वास्थ्य का क्या होगा? मैं विपक्षी दल से पूछना चाहता हूं कि जब एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्टमें मेट्रो कारशेड के लिए कांजुरमार्ग सही जगह बताया गया था, तो पिछली सरकार उसे आरे क्यों ले गई? 

महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यों को लेकर आपकी राय क्या है? 

राज्य की जनता अगर राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्योंसे संतुष्टहै तो मुझे भी जनता के निर्णयका पालन करना पड़ेगा। 

राज्यमें कोरोना की स्थितिपर आप क्या कहेंगे? 

कोरोना महामारी से पहले राज्य और देश की जनता मलेरिया, डेंगू जैसे कई गंभीर बीमारी को देख चुकी है, लेकिन इतिहास में मैंने इस तरह का लॉकडाउन नहीं देखा है। देश में जो सुविधाएं आज हैं, वो सुविधाएं उस समय नहीं थीं, लेकिन कभी लॉकडाउन नहीं लगाया गया। अगर ऐसे ही लॉकडाउन की घोषणा होती रही तो देश की प्रगतिरुक जाएगी। 

कोरोना काल के दौरान आप सरकार के कामों से संतुष्ट हैं? 

कोरोना काल के दौरान राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने जनता के लिए कुछ काम नहीं किया। देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में हर राज्य और देश के लोग रहते हैं। कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान हर व्यक्ति अपने राज्य और गांव जाना चाहता था, लेकिन सरकार ने न तो उनके भोजन की व्यवस्था की और न ही उनके राज्य तक पहुंचाने में उनकी कोई मदद की। सरकार अगर चाहती तो अपने गांव जाने वाले लोगों को उस राज्य की सरकार से बातचीत कर उस राज्य की सीमा तक पहुंचाने का काम कर सकती थी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। 

क्या भाजपा विरोधी पक्षकी भूमिका सही ढंग से निभा रही है? 

राज्य में विपक्षीदल है कहां, जो विपक्षमें है, वो हमेशा सत्ताकी बात करते हैं, इसलिए मेरा मानना है किराज्य में सत्ताधारी के साथ-साथविपक्षभी अपने आपको सत्ताधारी से कम नहीं समझ रही है। 

क्या भविष्यमें आप भाजपा के साथ गठबंधन करना चाहेंगे? 

अगर मुझे भाजपा के साथगठबंधन करना होता तो साल 2014 के लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में कर लेता। लेकिन मुझे नहीं करना था, इसलिए नहीं किया। भविष्य में भी भाजपा के साथ किसी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं करूंगा। 

एआईएमआईएमके साथ गठबंधन तोड़ने से आपको कितना फायदा या कितना नुकसान हुआ? 

एआईएमआईएम के साथ गठबंधन हमने नहीं तोड़ा है। अलग जाने का यह उनका अपना निर्णय था। जिस राज्य में किसी पार्टीका कोई जनाधार भी न हो और वो 100 से अधिक सीटों की मांग करे तो कैसे दिया जा सकता है। ओवैसी ने 2019 के विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर लड़ने की मांग की थी, क्योंकि उन्हें गठबंधन तोड़ना था, इसलिए उन्होंने इतनी बड़ी संख्यामें सीटों की मांग की और हमने देने से मना कर दिया और गठबंधन टूट गया। 

क्या महाविकास आघाड़ी सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी? 

बिल्कुल पूरा करेगी, क्योंकि सत्ता कोई छोड़ना नहीं चाहता। विपक्षीदल जो बार- बार बयानबाजी कर रहे है किदो महीने में सरकार गिर जाएगी, यह सही नहीं है। राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार अपना पांचसाल का कार्यकाल पूरा करेगी। 

आगामी मनपा चुनाव में आपकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी? 

पार्टीकी पूरी कोशिश है किपूरे सीटों पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन अभी चुनाव में समय है, इसलिए अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। 


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