एंटी-एजिंग के लिए ट्रेंड में है क्रायोथेरेपी

cryotherapy

क्या है क्रायोथेरेपी 

क्रायोथेरेपी को आइस थेरेपी भी कहा जाता है। इस थेरेपी में इंसान को बहुत कम तापमान में रखा जाता है। इस थेरेपी में मांसपेशियों की नसों में होने वाले दर्द और ऐंठन का इलाज किया जाता है। इससे अलावा मस्से, सनबर्न की परेशानी दूर हो जाती हैं। 

 कैसे की जाती है क्रायोथेरेपी : क्रायोथेरेपी एक तरह का कमरा होता है जसमें 100 डिग्री तक ठंडक होती है। इस कमरे में इंसान को बिना कपड़े रखा जाता है। थेरेपी रुम में ठंडी हवा के जरिए तरल नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है। 

क्रायोथेरेपी के फायदे 

ग्लोइंग स्किन : इस थेरेपी में आपको 140 डिग्री तक के तापमान में रखा जाता है। इससे ब्लड, स्किन के सर्फेस तक पहुंच जाता है,जिससे स्किन की अशुद्धियां निकल जाती है। त्वचा पर निखार आता है। 

पिंपल और मुंहासे : इस थेरेपी से बॉडी और स्किन डिटॉक्स होती है। ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ाता है जिससे पिंपल और दाग धब्बे कम हो जाते हैं। 

एंटी- एजिंग समस्याएं : इस थेरेपी से स्किन का कोलेजन बढ़ता है जिससे झुर्रियां, झाइयां कम होती हैं। 

सेल्युलाईट स्किन : सेल्युलाईट त्वचा की कोशिका होती है जो कि महिलाओं के जांघ, कूल्हों और पैरो पर जमा हो जाती है। इससे थेरेपी से छुटकारा पाया जा सकता है। क्रायोथेरेपी फैट टिशू को हाइड्रेट करता है। जिससे सेल्युलाइट कम हो जाता है। 

सनबर्न : इस थेरेपी से सनबर्न और चेहरे के दाग धब्बे कम हो जाते है। इसके अलावा चेहरे के तिल और मस्से भी कम हो जाते हैं। 


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