कोयना जलविद्युत परियोजना का आधुनिकीकरण करेंगे: ठाकरे

सातारा, रत्नागिरी और पुणे जिले का दौरा

Uddhav Thackeray

मुंबई

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को सातारा, रत्नागिरी और पुणे जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कोयना पोफली जलविद्युत परियोजना तथा मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे का मुआयना किया।

कोयना विद्युत प्रकल्प चरण चार के विद्युतगृह का मुआयना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक महाराष्ट्र में बिजली का आत्मनिर्भरता के लिए कोयना विद्युत परियोजना का योगदान महत्वपूर्ण है। आगामी समय में परियोजना के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक सभी चीजों के लिए सरकार की ओर से मदद की जाएगी। कोयना जल विद्युत परियोजना महाराष्ट्र का सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना है। इस योजना के लिए कोयना नदी पर पर बांध निर्माण कर पानी रोका गया है। इस योजना के चार चरण हैं। ज्यादा मांग के समय कुल मिलाकर इस चरण से 1920 मेगावॉट बिजली का निर्माण किया जा सकता है। यह परियोजना महाराष्ट्र राज्य विद्युत मंडल द्वारा चलाई जा रही है। जल विद्युत केंद्र का मुआयना करते समय परियोजना संदर्भ में प्रस्तुतिकरण किया गया। मुआयना करते समय मुख्यमंत्री ने सभी तकनीकी मुद्दों के बारे इंजीनियरों से जानकारी ली।

एक्सप्रेस वे का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने मुंबई-पुणे द्रुतगामी मार्ग पर खोपोली से कुसगांव के बीच मिसिंग लिंक के निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इसके बाद परियोजना के कैंप कार्यालय में चल रहे निर्माण कार्य के स्तर और गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। राज्य सड़क विकास निगम के प्रबंध निदेशक राधेश्याम मोपलवार ने खोपोली से कुसगांव तक नई सड़क के निर्माण के बारे में जानकारी दी। मुंबई पुणे द्रुतगामी मार्ग पर खोपोली से कुसगांव के बीच नई मिसिंग लिंक परियोजना के अंतर्गत खालापुर टोल टैक्स नाका से लोनावाला तक मुंबई- पुणे द्रुतगामी मार्ग की क्षमता बढ़ाना प्रस्तावित है। इस परियोजना की कुल लंबाई 19.80 किमी है।


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