कहीं हेल्थ पर भारी न पड़ जाए टैटू का क्रेज

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टैटू का क्रेज आज से नहीं बल्कि पिछले कई सालो से युवाओं में देखा जा रहा है और आज भी यह जुनून लोगों में कायम है. पहले टैटू बनवाना एक एक्स्पेंसिव और पेनफुल बात हुआ करती थी लेकिन अब यह सिर्फ कहने की बात हैं आज तो लोग खुद को कूल, मार्डन दिखाने के लिए ऐसे कई अहसनीय दर्द को बर्दाश्त कर लेते है. टैटू बनवाना मानो एक रिवाज की तरह हो गया हो जैसे कपल अपने प्यार को जताने के लिए एक दूसरे का नाम लिखवा लेते है. कुछ अपनी पर्सनेलिटी टैटू के जरिये दिखाना पसंद करते हैं कुछ ऐसे भी लोग है जो भगवान के प्रति अपनी भक्ति भी टैटू बनवा कर दर्शाते हैं. आजकल तो माता-पिता के प्रति प्यार भी टैटू बनवाकर जताया जा रहा है. लेकिन क्या आपको पता है यह टैटू जो न जाने कितनों के प्यार की निशानी है यह आपके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है.

टैटू से होने वाली स्किन प्रौब्लम

टैटू आजकल इतना ट्रेंड में है की हम लगभग हर किसी के बौडी पार्ट पर बना हुआ देखते है, लेकिन टैटू से कई तरह की गंभीर समस्या आपके सामने आ सकती है. इससे हमारे स्किन पर लालिमा, मवाद, सूजन जैसी कई तरह की परेशानियां हो सकती है. इसके अलावा कई तरह के बैक्ट्रियल इन्फ़ैकशन होने का भी डर रहता है. परमानेंट टैटू के दर्द से बचने के लिए कई लोग नकली टैटू का सहारा लेते हैं, लेकिन ऐसा ना करें. इससे आपको और भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

टैटू से कैंसर होने का डर

टैटू बनाते समय हम यह सोचते हम बहुत कूल दिखेंगे लेकिन इस कूलनेस से हमे कई तरह की बीमारियां भी हो सकती है जिसमे से एक सोराइसिस हैं. टैटू से सोराइसिस नाम की बीमारी होने का डर रहता है. कई बार हम ध्यान नहीं देते और दूसरे इंसान पर इस्तेमाल की गई सुई हमारे स्किन पर इस्तेमाल कर दी जाती है जिससे स्किन संबंधित रोग, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा रहता है. टैटू बनवाने से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है.

स्याही स्किन के लिए खतरनाक

टैटू बनाने के लिए हमारे स्किन पर अलग-अलग तरह की स्याही का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि हमारी स्किन के लिए काफी खतरनाक होती है. टैटू बनाने के लिए नीले रंग की स्याही का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें एल्यूमिनियम और कोबाल्ट होता है. रंगों में कैडियम, क्रोमियम, निकल व टाइटेनियम जैसी कई धातुएं मिली रहती हैं, जो कि स्किन के लिए खराब होती हैं. यह स्किन की बिलकुल अंदर तक समा जाती है जिससे बाद में कई तरह की दिक्कतें भी हो सकती हैं.

मांसपेशियों को नुकसान

हम अपनी स्किन पर बड़े शौक से टैटू बनवा तो लेते हैं, लेकिन उसके बाद होने वाले नुकसान से अंजान रहते हैं. टैटू के कुछ डिजाइन ऐसे होते हैं जिनमें सुइयों को शरीर में गहराई तक चुभाया जाता है. जिसके चलते मांसपेशियों में भी स्याही चली जाती हैं. इस कारण मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है. स्किन स्पेशलिस्ट का कहना है की शरीर के जिस हिस्से पर तिल हो उस हिस्से पर टैटू कभी नहीं बनवाना चाहिए.

इन बातों का टैटू बनवाते वक्त रखें ध्यान

  • टैटू 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को ही बनवाना चाहिए.
  • टैटू बनवाने के लिए किसी अच्छे टैटू प्रोफेशनल के पास ही जाए.
  • टैटू बनवाने से पहले हेपेटाइटिस बी का टीका जरूर लगवाएं.
  • टैटू बनवाने वक़्त अपने स्किन पर इंक टेस्ट जरूर करवाए इससे आपको पता चल जाएगा की इंक से आपके स्किन पर कोई एलर्जी तो नहीं हो रहीं.
  • टैटू बनवाने वक्त देख लें नीडल नया है या नहीं.
  • टैटू बनवाने के बाद करीब 2 हफ्ते पानी को उस जगह को दूर रखें. जिस जगह पर टैटू बनवाया हो उस जगह पर रोजाना एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं.


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