जाति के नाम से बनी बस्तियों का बदला जाएगा नाम

मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार का फैसला 

 


मुंबई 

राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जातिगत नामों से बनाई गई बस्तियों और गलियों के नाम को बदलने का निर्णय लिया गया है। बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे की अध्यक्षता हुई बैठक में राज्य में कुछ बस्तियों का महारवाड़ा, बौद्धवाडा, मांगवाडा, ढोरवस्ती, ब्राम्हणवाडा, माली गली जैसे जातिगत नाम वाली बस्तियों और गलियों के नाम को बदलने का निर्णय लिया गया। 

सरकार का मानना है कि यह महाराष्ट्र के लिए ठीक नहीं है, इसलिए सरकार ने सामाजिक सद्भाव और समरसता बनाने और राष्ट्रीय एकता बढ़ाने के लिए नामों को बदलने का निर्णय लिया है। इन बस्तियों को अब समता नगर, भीम नगर, ज्योति नगर, शाहू नगर, क्रांति नगर और इसी तरह के अन्य नाम दिए जाएंगे। इससे पहले दलित बस्ती सुधार योजना का नाम बदलकर अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध रखा गया था। इसके अलावा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर दलित मित्र पुरस्कार का नाम बदलकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समाज भूषण पुरस्कार रखा गया है। मराठी में 'अनुसूचित जाति और नव बौद्ध' शब्द का उपयोग करने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। 


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