स्टांप ड्यूटी में छूट से राजस्व में भारी कमी

मुंबई

सरकार द्वारा भवन निर्माण क्षेत्र को राहत देने तथा फ्लैटों की बिक्री और खरीद को बढ़ावा देने के लिए स्टांप शुल्क में छूट देने की योजना से कारोबार में तेज वृद्धि होने के बावजूद सरकार को 2,000 करोड़ रुपए से 2,500 करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

फ्लैट खरीद में वृद्धि राज्य सरकार द्वारा स्टांप ड्यूटी में कमी, सस्ते होम लोन और बिल्डरों के लिए उपभोक्ताओं को दी गई आकर्षक रियायतों के कारण हुई है। फिलहाल मुंबई में स्टांप ड्यूटी दो फीसदी और बाकी महाराष्ट्र में पांच फीसदी के बजाय तीन फीसदी है। 1 जनवरी 2021 से इसमें एक प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि इसलिए यह निर्देश दिया गया है कि स्टांप कार्यालयों को शनिवार-रविवार और 25-27 दिसंबर के बीच सप्ताहांत पर नियंत्रण रखना चाहिए। थोरात ने कहा कि पंजीकरण में वृद्धि के साथ, माल और सेवा कर (जीएसटी) बढ़ गया है, जिससे रोजगार सृजन भी बढ़ेगा। स्टैंप ड्यूटी रियायत के कारण, इस साल नवंबर के महीने में राज्य में दो लाख 74 हजार 783 घरों के पंजीयन दर्ज किए गए हैं, जिसमें से सरकार को 1,754 करोड़ रुपये की आय हुई। जबकि नवंबर 2019 में दो लाख 20 हजार 808 घरों का रजिस्ट्रेशन किए गए थे और लगभग 2300 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget