बेस्ट की 60 डबल डेकर बसें होंगी नीलाम

 बेड़े में शामिल होगी नए मॉडल की डबल डेकर


मुंबई

कभी मुंबई की पहचान  और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाली बेस्ट की 60 डबल डेकर बसों को नीलाम करने का फैसला किया गया है। पुराने मॉडल की इन बसों की बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (बेस्ट) डिपार्टमेंट की ओर से नीलामी प्रक्रिया शुरू । 

अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर दौड़ने की इन बसों की 15 साल की तय मियाद खत्म हो गई है, इसलिए अब इनका ऑक्शन किया जा रहा है। नए मॉडल की नई डबल डेकर बसों के 2021 के आखिर तक बेस्ट के बेड़े से जुड़ने की उम्मीद है। मुंबई में अभी जो 120 डबल डेकर बसें दौड़ रही हैं, उनमें से 60 की सड़क पर दौड़ने की मियाद खत्म हो चुकी है। बाकी 60 बसों की मियाद भी 2021 के आखिर तक पूरी हो जाएगी। पहली डबल डेकर ट्रेन को बॉम्बे, बड़ौदा एंड सेंट्रल इंडिया रेलवे (जिसे अब वेस्टर्न रेलवे कहा जाता है) ने शुरू किया था। इसके बाद डबल डेकर ट्राम्स की बारी आई जिसे 17 सितंबर 1920 को मुंबई में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने चलने की इजाजत दी। इसके 17 साल बाद 1937 में मुंबई में डबल डेकर मोटर बस लॉन्च की गई। ये बसें लंदन की लाल बसों की तर्ज पर थीं। अप्रैल 2006 में मुंबई में इन बसों की संख्या 227 थी जो अप्रैल 2008 में घटकर 127 और जुलाई 2009 में 134 ही रह गई। हालांकि 100 नई डबल डेकर बसें खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया तय की जा चुकी है। नई डबल डेकर बसों में आधुनिक तकनीक के साथ नोस्टेलजिया से जुड़ी कुछ चीजें, जैसे कि भोपूं (हाथ से दबाया जाने वाला हॉर्न)। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली ये बसें भारत स्टैंडर्ड छह क्लास की होंगी ।

घाटे में बेस्ट, विज्ञापन कंपनियों को छूट का टेस्ट

मुंबई। आर्थिक संकट से जूझ रही बेस्ट की आय में दिन प्रतिदिन गिरावट होती जा रही है, मनपा से बेस्ट को मिलने वाले अनुदान में कटौती की गई है फिर भी बेस्ट को विज्ञापन देने वाली कंपनियों को विज्ञापन की दर में छूट देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।  कोरोना के कारण मनपा की तिजोरी पर असर पड़ा है। बेस्ट ने वर्ष 2021-22 के लिए 1887।83 करोड़ रुपये के घाटे का बजट प्रस्तुत किया  है। हर समय फायदे में रहने वाला बेस्ट का बिजली विभाग भी पहली बार घाटे में चला गया है। आरोप है कि इसके बावजूद बेस्ट प्रशासन सत्ताधारी शिवसेना के दबाव में विज्ञापन एजेंसियों को  विज्ञापन में छूट देने के लिए मजबूर है।


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